13 आबान की रैलियां, ग़ज़्ज़ा के समर्थन में निकले लोग
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पूरे ईरान में आज विश्व साम्राज्य के विरुद्ध संघर्ष का राष्ट्रीय दिवस मनाया गया।
(last modified 2023-11-04T06:25:28+00:00 )
Nov ०४, २०२३ ११:०८ Asia/Kolkata

पूरे ईरान में आज विश्व साम्राज्य के विरुद्ध संघर्ष का राष्ट्रीय दिवस मनाया गया।

4 नवम्बर 1979 को ईरान के क्रांतिकारी छात्रों के एक गुट ने इस्लामी क्रांति के विरुद्ध अमरीकी षड्यंत्रों के विरुद्ध प्रदर्शन करते हुए तेहरान में स्थित जासूसी के अड्डे अमरीकी दूतावास पर नियंत्रण कर लिया था।

इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद तेहरान में स्थित अमरीकी दूतावास, नवआधार इस्लामी सरकार के विरुद्ध जासूसी और विध्वसंक कार्यवाही की योजना के केन्द्र में बदल चुका था।

ईरान के स्वाधीनता के इच्छुक और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष करने वाले छात्रों ने 4 नवम्बर को ईरान में अमरीकी हस्तक्षेप और उसकी अपराधिक कार्यवाहियों के विरुद्ध व्यापक स्तर पर प्रदर्शन किया और देश में मौजूद अमरीका के जासूसी के अड्डे पर नियंत्रण कर लिया।

इस अवसर पर पूरे ईरान में व्यापक रैलियां निकाल गयीं और पूरा ईरान, हैहात मिन्नज़िल्ला, अमरीका मुर्दाबाद और इस्राईल मुर्दबाद के नारों से गूंज उठा। प्रदर्शनकारी फ़िलिस्तीनियों विशेषकर ग़ज़्ज़ा की जनता से सहृदयता भी व्यक्त कर रहे थे।

इस्लामी गणतंत्र ईरान के इतिहास में तेरह आबान को तीन महत्वपूर्ण घटनाएं घटी हैं। 13 आबान सन 1343 हिजरी शम्सी को इमाम ख़ुमैनी को तुर्की ओर देश निकाला दिया गया, 13 आबान सन 1357 हिजरी शम्सी को शाही सरकार ने छात्रों का जनसंहार किया तथा तेरह आबान को ईरान के क्रांतिकारी छात्रों ने जासूसी का अड्डा बन चुके अमरीका के दूतावास को अपने नियंत्रण में ले लिया था।

रैली की समाप्ति पर रैली में शामिल लोगों ने एक घोषणापत्र जारी किया जिसमें फ़िलिस्तीनियों के तूफ़ान अल-अक़सा आप्रेशन की सराहना की गयी। इस घोषणापत्र में दुनिया के सारे मुस्लिम देशों और स्वतंत्र सरकारों से मांग की गयी कि वह ग़ज़्ज़ा की जनता के ख़िलाफ़ इस्राईल के पाश्विक और नस्लभेदी अपराधों की निंदा करें और राजनैतिक संबंध, आर्थिक सहयोग तथा तेल और गैस के निर्यात जैसे संबंधों को तोड़कर अपने इंसानी दायित्व पर अमल करें।  

विश्व साम्राज्य के विरुद्ध संघर्ष की रैली के घोषणापत्र में आया है कि इस्लामी क्रांति का महत्वपूर्ण मापदंड, साम्राज्य विरोधी होना है इसीलिए ईरानी जनता अपने धार्मिक और क्रांतिकारी दायित्वों पर अमल करते हुए विस्तारवादी शक्ति विशेषकर साम्राज्यवादी और विस्तारी अमरीकी सरकार की पूर्ण बर्बादी तक अपना यह संघर्ष जारी रखेगी। (AK)

 

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