ग़ज़्ज़ा की घटना को जनसंहार मानने को तैयार नहीं है अमरीका
ग़ज़्ज़ा पर इस्राईल के हमलों को एक महीने का समय बीच चुका है।
एक महीने के दौरान ग़ज़्ज़ा में 10000 से अधिक फ़िलिस्तीनी शहीद हुए हैं जबकि 24000 से अधिक घायल हो चुके हैं। शहीद होने वाले फ़िलिस्तीनियों में बड़ी संख्या बच्चों की है। इसके अतरिक्त इस्राईल की बमबारी में ग़ज़्ज़ा को जो आर्थिक नुक़सान हुआ है वह अलग है।
इतना होने के बावजूद अमरीका इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं है कि ग़ज़्ज़ा में इस्राईल के हाथों जनसंहार और जातीय सफाया किया जा रहा है। इसी बीच अमरीका की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जान केरबी ने कहा है कि वर्तमान समय में ग़ज़्ज़ा में जो कुछ हो रहा है वह जनसंहार नहीं है। उन्होंने कहा कि ग़ज़्ज़ा के घटनाक्रम पर दृष्टि डालने से एसा नहीं लगता की वहां पर जनसंहार किया जा रहा है। जान केरबी का कहना था कि ग़ज़्ज़ा में घटने वाली घटना को जनसंहार कहना बहुत ही ग़ैर ज़िम्मेदारी की बात है।
यहां पर सवाल यह पैदा होता है कि जनसंहार किसे कहते हैं और जातीय सफाया कौन सी चीज़ है। जब किसी एक ही जाति और उसके नागरिकों को लक्ष्य बनाकर व्यापक स्तर पर उनकी हत्याएं की जाएं तो इस काम को क्या कहा जाएगा?
अमरीका की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता ने ग़ज़्ज़ा में घटने वाली घटनाओं को जनसंहार की संज्ञा देने से एसे में इन्कार किया है कि जब अमरीका के ही रक्षामंत्रालय पेंटागन ने माना है कि फ़िलिस्तीनियों की व्यापक स्तर पर हत्याएं की जा रही हैं।
ग़ज़्ज़ा में न केवल निर्दोष फ़िलिस्तीनियों की बहुत बड़े पैमाने पर हत्याएं की जा रही हैं बल्कि इस क्षेत्र पर अबतक इतना अधिक विस्फोटक पदार्थ डाला गया है जिसकी तुलना नहीं की जा सकती। बताया जा रहा है कि दूसरे विश्व युद्ध में अमरीका ने जापान के हिरीशिमा और नागासाकी नगरों पर एटमबम के रूप में जितना विस्फोटक पदार्थ प्रयोग किया था उससे कहीं ज़्यादा इस्राईल अबतक ग़ज़्ज़ा में प्रयोग कर चुका है। ग़ज़्ज़ा पर पर इस्राईल की ओर से अबतक 35 हज़ार टन से अधिक विस्फोटक पदार्थ प्रयोग किया जा चुका है।
यह इतना अधिक है कि जिसे देखकर इस्राईल के पश्चिमी समर्थकों तक की चीख़ निकल पड़ी है। बेल्जियम के अन्तर्राष्ट्रीय मामलों के संयोजक कैरोलीन जेनीज़ ने सोमवार को कहा है कि इस्राईल ने जो युद्ध अपराध किये हैं उसके कारण उसके विरुद्ध जांच की जानी चाहिए। हालांकि जो बाइडेन प्रशासन की ओर से ग़ज़्ज़ा युद्ध को लेकर इस्राईल के खुले समर्थन से अमरीका के भीतर बहुत से लोग नाराज़ है जिनकी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। इसके बावजूद बाइडेन प्रशासन पूरी बेहयाई के साथ इस्राईल का समर्थन करते हुए उसके लिए 320 मिलयन डालर मूल्य के बम भेजने के कार्यक्रम की समीक्षा कर रहा है।