ग़ज़्ज़ा बना ज़ायोनी सैनिकों का क़ब्रिस्तान
हमास का कहना है कि यह तो पहले से ही पता था कि ग़ज़्ज़ा, ज़ायोनी सैनिकों का क़ब्रिस्तान बनेगा।
हमास के एक सदस्य अर्रश्क़ कहते हैं कि ग़ज़्ज़ा में ज़ायोनी अपना एक लक्ष्य भी अबतक हासिल नहीं कर पाए हैं। उन्होंने कहा कि इस युद्ध का परिणाम तो पहले ही स्पष्ट था।
फ़िलिस्तीन के प्रतिरोधकर्ता गुट हमास का यह बयान उस समय आया है जब ज़ायोनी सेना ने भी फ़िलिस्तीनी प्रतिरोधकर्ताओं की कार्यवाही में अपने 24 सैनिकों के मारे जाने की बात स्वीकार की है। उसका कहना है कि केवल एक ही दिन में उसके 24 सैनिक मारे गए हैं। ज़ायोनी सेना के अनुसार फ़िलिस्तीनियों के अलअक़सा तूफान आप्रेशन के बाद से लेकर अबतक उसको यह सबसे बड़ा सैन्य नुक़सान हुआ है।
इसी बीच हमास की सैन्य शाखा इज़्ज़ुद्दीन क़स्साम ने मंगलवार की घटना का एक वीडियो जारी किया है। याद रहे कि हमास के लड़ाकों ने अपने एक आप्रेशन में केन्द्रीय ग़ज़्ज़ा में उस इमारत पर आरपीजी से हमला कर दिया जिसमें ज़ायोनी सैनिकों ने विस्फोटक पदार्थ भर दिये थे। इसके परिणाम स्वरूप वे दोनो इमारते गिरकर ध्वस्त हो गईं जिनमें ज़ायोनी सैनिक विस्फोटक लगाकर फ़िलिस्तीनी प्रतिरोधकर्ताओं के विरुद्ध कार्यवाही करने जा रहे थे।
इसके अतिरिक्त हमास ने ज़ायोनियों के एक टैंक को भी ध्वस्त कर दिया। इस कार्यवाही के नतीज़ में कम से कम 24 ज़ायोनी सैनिक मारे गए। इसके अतिरिक्त हमास ने ज़ायोनी सैनिकों के एक कारवां के मार्ग में विस्फोट करके कई अन्य सैनिकों को ढेर कर दिया।
हालांकि ज़ायोनी सेना ने मरने वाले अपने सैनिकों की संख्या 21 बताई है जबकि ज़ायोनी मीडिया में उनकी संख्या 50 से अधिक बताई जा रही है। इसी बीच अलजज़ीरा टीवी चैनेल के एक सैन्य विशेषज्ञ ने इस कार्यवाही में मरने वाले इस्राईली सैनिकों की संखया कम से कम 100 बताई है। उन्होंने कहा कि हमास शुरू से ही बहुत मज़बूत पोज़ीशन में है।
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