लेबनानी मीडिया: ईरान वैश्विक शक्ति बन गया है
पार्स टुडे – एक लेबनानी मीडिया ने ईरान के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति के झूठ का जिक्र करते हुए लिखा है कि यह देश एक क्षेत्रीय शक्ति बन गया है और उसने दुनिया में शक्ति संतुलन को भी बदल दिया है।
पार्स टुडे के अनुसार समाचार एजेंसी अल-अहद ने "अमेरिका जलडमरूमध्य (होर्मुज़) में अकेला क्यों रह गया?" शीर्षक से एक लेख में लिखा: अंतरराष्ट्रीय संबंधों के सिद्धांत में "आधिपत्य" (हेजमनी) वह स्थिति है जिसमें एक एकल शक्ति, बल या प्रभाव के माध्यम से वैश्विक व्यवस्था का प्रबंधन करती है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह भूमिका निभाई और स्वयं को विश्व का पुलिसकर्मी माना।
हालाँकि, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के हालिया बयानों और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्वीट, जिसमें उन्होंने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में कार्रवाई रोकने का आह्वान किया, ने इस एकतरफ़ावादी प्रणाली के अंत को दर्शाया है।
अल-अहद ने लिखा: वास्तव में यूरोपीय अमेरिकियों और उनके अन्य सहयोगियों के साथ नहीं रहे। यह वही है जिसे खेल सिद्धांत में "संकेत भेजने में विफलता" (Signaling Failure) कहा जाता है - एक अंतरराष्ट्रीय अभिनेता की अपनी धमकियों को विश्वसनीय बनाने में असमर्थता। राजनयिक वार्ता के बहाने कार्रवाई रोकना, वास्तव में, अमेरिका के "रणनीतिक अलगाव" को स्वीकार करना है।
यूरोप वाशिंगटन की ब्लैकमेल के आगे नहीं झुका
इस लेबनानी मीडिया ने आगे कहा: ध्यान देने योग्य है कि वह युग, जिसमें अमेरिका अकेले विश्व के पुलिसकर्मी के रूप में कार्य करता था, व्यावहारिक रूप से समाप्त हो गया है। यूरोप ने दिखाया कि वह पश्चिमी एशिया (मध्य पूर्व) के युद्ध को लाल रेखा मानता है और वाशिंगटन की ब्लैकमेल के आगे नहीं झुका। परिणामस्वरूप, अमेरिका एक केंद्रीय संघर्ष में भारी नुकसान उठाकर और बिना किसी रणनीतिक लाभ के पीछे हटने को मजबूर हुआ।
सभी राष्ट्रों के लिए एक सबक है: आज के अंतरराष्ट्रीय तंत्र में, प्रत्येक देश को वह सैन्य लागत वहन करनी होगी जो वह वहन करना चाहता है; पुरानी व्यवस्था अब हावी नहीं है। वर्तमान स्थिति में, जो मायने रखता है वह देशों की शक्ति है; देशों को अपनी सीमाओं से परे अपना हिस्सा सुनिश्चित करने के लिए मजबूत होना चाहिए।
ईरान वैश्विक शक्ति बन गया है
अल-अहद ने लिखा: अमेरिका और इज़राइली शासन के इस्लामी गणराज्य ईरान के खिलाफ आक्रमण के चालीस दिन बाद, शक्ति के तत्वों को प्राप्त करना पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण प्रतीत होता है। यह वही बात है जिसे ईरान के शहीद नेता, आयतुल्लाह अल-उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई (शहीद) ने बार-बार कहा था और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने उसे व्यवहार में भी उतारा।
इस रिपोर्ट के अनुसार आज इस्लामी गणराज्य ईरान ने दुनिया में शक्ति संतुलन बदल दिया है और एक वैश्विक शक्ति बन गया है, और उन ताकतों के खिलाफ़ दृढ़ता से खड़ा है जो कभी मानते थे कि वे दुनिया पर हावी हो सकते हैं। ईरान ने इस अमेरिकी-इज़राइली परियोजना को विफल कर दिया है। MM