इटली द्वारा फ़िलिस्तीनी सरकार को औपचारिकता प्रदान करने पर बल
इटली के उप संसद सभापति ने वर्ष 1967 की सीमा के आधार पर फ़िलिस्तीन की सरकार को औपचारिकता देने पर बल दिया है।
इस्ना की रिपोर्ट के अनुसार हाल ही में फ़िलिस्तीन और अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन का दौरा करने वाले इटली के उप संसद सभापति लोइजी डी-मायो ने कहा है कि वर्ष 1967 में पारित होने वाले सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव क्रमांक 242 का क्रियान्वयन आवश्यक है जिसमें बल दिया गया है कि इस्राईल की सेना को पूर्ण रूप से जार्डन नदी के पश्चिमी तट और पूर्वी बैतुल मुक़द्दस से पीछे हट जाना चाहिए।
इटली की संसद में विदेश मामलों के आयोग के प्रमुख मानीलो डी स्टीफ़ानो ने भी जार्डन नदी के पश्चिमी तट के अलख़लील क्षेत्र में वर्ष 1967 की अधिकृत सीमाओं का सम्मान करने और फ़िलिस्तीनी पलायनकर्ताओं की स्वदेश वापसी के बारे में फ़िलिस्तीनियों और इस्राईलियों के मध्य वास्तविक समझौते पर हस्ताक्षर पर बल दिया। उन्होंने कहा कि गोलान हाइट्स से अतिग्रहणकारियों की वापसी से ही फ़िलिस्तीनी सरकार को औपचारिकता दी जानी चाहिए।
ज्ञात रहे कि इटली की फ़ाइव स्टार पार्टी का एक उच्च स्तरीय शिष्टमंडल गुरुवार को फ़िलिस्तीन और अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन पहुंचा है। इटली की इस पार्टी का मानना है कि मध्यपूर्व संकट का एकमात्र समाधान, अंतर्राष्ट्रीय अधिकारों का सम्मान है। (AK)