बजट घाटे की भरपाई में सऊदी अरब ने बढ़ाई वीज़ा फ़ीस
सऊदी अरब ने अपने बजट घाटे की भरपाई के लिए ईंधन के मूल्यों और करों में वृद्धि के बाद अब वीज़ा फ़ीस में भी वृद्धि कर दी है।
तेल के मूल्यों में भारी कमी का सिलसिला जारी रहने और यमन युद्ध के चलते भारी ख़र्चों का बोझ सहन कर रहे सऊदी अरब को बजट में घाटे की भरपाई के लिए इस देश में आने के वीज़ा की फ़ीस में वृद्धि पर विवश होना पड़ा है। पहली बार सऊदी अरब की यात्रा करने वालों को वीज़ा के लिए दो हज़ार रियाल या लगभग 530 अमरीकी डाॅलर अदा करने होंगे जबकि पहली बार हज या उमरा करने वालों की वीज़ा फ़ीस ख़ुद सरकार अदा करेगी। ज्ञात रहे कि इस प्रकार से सऊदी अरब में हज और उमरा के लिए जाने वाले मुसलमानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा जिससे मुसलमानों में चिंता पाई जाती है।
जारी वित्त वर्ष में सऊदी अरब के बजट घाटे का अनुमान लगभग 87 अरब डाॅलर लगाया गया है। सऊदी अरब ने ईरान व रूस जैसे अपने प्रतिद्वंद्वियों को घाटा पहुंचाने के लिए तेल के मूल्यों में भारी कमी का षड्यंत्र रचा था लेकिन अब वह स्वयं अपने ही जाल में फंस गया है और उसकी आर्थिक स्थिति जर्जर होती जा रही है। (HN)