इस्राईली सैनिकों के हाथों एक और फ़िलिस्तीनी नौजवान शहीद
अतिग्रहित फ़िलिस्तीन के पश्चिमी तट में ज़ायोनी सैनिकों ने एक और फ़िलीस्तीनी नौजवान को गोलियों से भूनकर शहीद कर दिया।
फ़िलिस्तीनी सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को ज़ायोनी सैनिकों ने एक फ़िलीस्तीनी युवक को पश्चिमी तट के रामल्लाह शहर के उत्तर पूर्व में स्थित सीलवाद गांव में गोलियों से भूनकर शहीद कर दिया। इस्राईली सेना के प्रवक्ता ने दावा किया है कि शहीद फ़िलीस्तीनी नौजवान को उस समय गोली मारी गई जब वह ज़ायोनी सेना की एक चौकी के पास जाने की कोशिश कर रहा था।
याद रहे कि सीलवाद नामक गांव, अवैध ज़ायोनी कालूनी औफ़र के पास स्थित है, जहां इस्राईली सेना का कड़ा पहरा रहता है। इस क्षेत्र में फ़िलिस्तीनियों और ज़ायोनी सैनिकों के बीच अधिकतर झड़पें होती रहती हैं।
दूसरी ओर बैतुल्लहेम में भी इस्राईली सैनिकों ने दो फ़िलिसीतीनियों को गोली मार कर घायल कर दिया।
इसी बीच ज़ायोनी सैनिकों ने बैतुल्लहेम में ही फ़िलीस्तीनी क़ैदी मुआज़ सफ़ी के घर पर भी हमला कर दिया और उनके घर की तलाशी ली और उनकी मां और बहन को ग़िरफ़्तार कर लिया, जबकि अल-ख़लील में भी इस्राईली सैनिकों ने एक फ़िलीस्तीनी युवा को ग़िरफ़्तार किया है।
गज़्ज़ा से प्राप्त समाचारों के अनुसार, ज़ायोनी सैनिकों ने फ़िलिस्तीनी मछवारों पर हमला करके सीज़फ़ायर का उल्लंघन किया है। इस दौरान इस्राईली सैनिकों ने एक फ़िलीस्तीनी मछवारे को ग़िरफ़्तार भी कर लिया।
उल्लेखनीय है कि इस्राईली सैनिक अधिकतर यह दावा करते हैं कि फ़िलीस्तीनी युवा ज़ायोनी सैनिकों पर हमला करने वाला था इसलिए उसे गोली मार दी गई। पिछले साल अक्टूबर में शुरू होने वाले तीसरे क़ुद्स इंतेफ़ाज़ा आंदोलन के बाद से अब तक लगभग 230 फ़िलिस्तीनी ज़ायोनी सैनिकों के हाथों शहीद हो चुके हैं। ज्ञात रहे कि ज़ायोनी सैनिकों और कट्टरपंथी यहूदियों के हाथों मस्जिदुल अक़्सा का लगातार अनादर किए जाने के ख़िलाफ़ फ़िलिस्तीनी जनता ने तीसरा क़ुद्स इंतेफ़ाज़ा शुरू कर रखा है। (RZ)