हिज़्बुल्लाह ने ईरानी हाजियों से समरसता दर्शायी
लेबनान के जन प्रतिरोध आंदोलन हिज़्बुल्लाह के एक निकटवर्ती सूत्र ने बताया है कि इस साल हज के अवसर पर सऊदी अरब द्वारा ईरानी श्रद्धालुओं के हज पर रोक लगाए जाने के ख़िलाफ़ आपत्ति जताते हुए हिज़्बुल्लाह अपने सदस्यों को हज के लिए नहीं भेज रहा है।
इस सूत्र ने समाचार एजेंसी अनातोली को बताया कि हिज़्बुल्लाह ने यह फ़ैसला किया है कि इस साल अपने नेताओं, सदस्यों और लोगों को हज के लिए न भेजे। इस सूत्र ने कहा कि हिज़्बुल्लाह ने ईरानी हाजियों से समरसता दर्शाने के लिए यह फ़ैसला किया है। इस सूत्र के अनुसार, हिज़्बुल्लाह के इस फ़ैसले में अपने नेताओं व सदस्यों के संबंध में सुरक्षा पहलू भी मद्देनज़र हो सकते हैं।
ज्ञात रहे कि वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने इस साल हज के संदेश में कहा है कि आले सऊद शासन की ओर से हज के कुप्रबंधन के कारण ज़रूरत इस बात की है कि इस शासन के हाथ से दोनों पवित्र स्थलों मक्का और मदीने का संचलान ले लिया जाए। वरिष्ठ नेता ने अपने संदेश में आले सऊद शासन को अभिशप्त नस्ल की संज्ञा दी। वरिष्ठ नेता ने सऊदी अरब को ईरानी श्रद्धालुओं को हज से रोकने के लिए ज़िम्मेदार बताया। उन्होंने पिछले साल हज के अवसर पर मिना त्रासदी में 7000 से ज़्यादा हाजियों की शहादत पर इस्लामी जगत के मौन की आलोचना करते हुए कहा कि आले सऊद शासन के अपराधों के संबंध में ख़ामोशी इस्लामी जगत के लिए बहुत बड़ी मुसीबत है।
ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी ने भी इससे पहले मंत्रीमंडल की बैठक में सऊदी अरब को ईरानी श्रद्धालुओं को हज से रोकने के लिए ज़िम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब की ओर से ईरानी श्रद्धालुओं के हज के लिए जाने के मार्ग में रुकावटें खड़ी किए जाने के कारण, ईरानी श्रद्धालु हज करने नहीं जा रहे हैं। (MAQ/N)