काॅलोनी निर्माण को वैधता प्रदान करने के लिए इस्राईल के हथकंडे
फ़िलिस्तीन के अतिग्रहित क्षेत्रों में अवैध काॅलोनी निर्माण को वैधता प्रदान करने के ज़ायोनी शासन के विभिन्न हथकंडे मानवाधिकारों की रक्षक संस्थाओं की नज़रों से छिप नहीं सके हैं।
ह्यूमन राइट्स वाॅच ने पश्चिमी तट में अवैध रूप से बनाई गई ज़ायोनी काॅलोनियों में इस्राईली टीमों के बीच मैच आयोजित कराने के ज़ायोनी शासन के अनुरोध को स्वीकार करने के कारण अंतर्राष्ट्रीय फ़ुटबाॅल संघ फ़ीफ़ा की आलोचना की है और कहा है कि यह अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों का उल्लंघन है और इस पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। ह्यूमन राइट्स वाॅच ने अपनी एक रिपोर्ट में फ़ीफ़ा के इस क़दम की आलोचना करते हुए कहा है कि यह फ़िलिस्तीन के अतिग्रहित क्षेत्रों में यहूदी काॅलोनियों के अवैध निर्माण को औपचारिकता प्रदान करने के समान है और यह किसी भी देश या संस्था की ओर से इस प्रकार का क़दम फ़िलिस्तीनियों के क़ानूनी अधिकारों का हनन है।
वस्तुतः विभिन्न खेल संगठनों में फ़िलिस्तीनी टीमों की सदस्यता के बावजूद ज़ायोनी शासन कुछ खेल संगठनों के समर्थन से न केवल यह कि इन टीमों के बाहर आने जाने में रुकावट डालता है बल्कि ज़ायोनी काॅलोनियों में इस्राईली टीमों के मुक़ाबले आयोजित करवा के इन क्षेत्रों को औपचारिकता प्रदान करने की कुचेष्टा कर रहा है। यही कारण है कि फ़िलिस्तीनियों का मानना है कि ज़ायोनी कुछ देशों और खेल संगठनों के समर्थन से खेल के मैदान को भी फ़िलिस्तीनियों के साथ लड़ाई के मैदान में बदल रहा है। इन सब कार्यवाहियों का उद्देश्य स्वाधीन फ़िलिस्तीनी देश के गठन में रुकावट डालना और ज़ायोनी काॅलोनियों को औपचारिकता प्रदान करना है। लेकिन ह्यूमन राइट्स वाॅच जैसे मानवाधिकार संगठनों द्वारा फ़िलिस्तीनी राष्ट्र का समर्थन, ज़ायोनी शासन की अत्याचापूर्ण नीतियों की विफलता का सूचक है। (HN)