तुर्की की सैन्य कार्यवाही उसके विभाजन का कारण बनेगीः एबादी
तुर्की ने इराक की सीमा के निकट सैनिक उपकरणों और अपने सैनिकों को तैनात कर दिया है
इराक के प्रधानमंत्री हैदर अलएबादी ने इस देश में तुर्क सैनिकों की संभावित कार्यवाही के परिणामों के बारे में चेतावनी दी और कहा है कि यह कार्यवाही तुर्की के विभाजन का कारण बनेगी। हैदर अलएबादी ने बल देकर कहा कि बगदाद न तो अंकारा से युद्ध चाहता है और न ही टकराव परंतु अगर टकराव हो जाता है तो इराक उसके लिए तैयार है।
तुर्की ने इराक की सीमा के निकट सैनिक उपकरणों और अपने सैनिकों को तैनात कर दिया है जिसकी प्रतिक्रिया में इराकी प्रधानमंत्री का यह बयान सामने आया है।
तुर्की के सैन्य अधिकारियों ने कहा है कि एक सैनिक कारवां को इराकी सीमा के निकट तैनात कर दिया गया है जिसके पास लगभग 30 टैंक और तोप है। इराक के संबंध में तुर्की जो कार्यवाहियां कर रहा है वह परस्पर सम्मान और अच्छे पड़ोसी के व्यवहार से परे है और तुर्की की इस नीति से क्षेत्र और विश्व में शांति व सुरक्षा स्थापित कराने में कोई सहायता नहीं मिलेगी।
इराक के संबंध में तुर्की की ग़ैर डिप्लोमैटिक कार्यवाहियां दोनों पड़ोसी देशों के हित में नहीं हैं और अंकारा और बगदाद के मध्य तनावों में वृद्धि का लाभ केवल दुश्मनों को पहुंचेगा।
तुर्की द्वारा इराक की सीमा के निकट सैनिक उपकरणों का तैनात किया जाना शांतिपूर्ण जीवन और दूसरे देशों की संप्रभुता के सम्मान के सिद्धांत से विरोधाभास रखता है और तुर्की द्वारा इराक की सीमा के निकट टैंकों की तैनाती से शांति व मित्रता का संदेश नहीं जाता है।
तुर्की द्वारा इराक के मूलिस नगर में सैनिकों के भेजे जाने के बाद यह दूसरी भड़काऊ सैनिक कार्यवाही है। वर्ष 2015 के अंत में मूसिल नगर में तुर्क सैनिकों की तैनाती और उनकी मौजूदगी की अवधि में एक वर्ष की वृद्धि को इराक की राष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन और उसके आतंरिक मामलों में खुला हस्तक्षेप समझा जा रहा है।
इराकी जनता तुर्की की कार्यवाही को दुश्मनों की पंक्ति में देख रही है और मूसिल नगर में तुर्क सैनिकों के बने रहने पर अंकारा द्वारा बल दिये जाने को वह अतिग्रहण की संज्ञा दे रही है। इराकी सीमा के निकट तुर्क सैनिकों की तैनाती को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा रहा है। MM