फ़िलिस्तीन की धरती पर बस्तियां बनाने की मिली छूट
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ज़ायोनी संसद कनेसेट ने सोमवार की रात आरंभिक मतदान में जार्डन नदी के पश्चिमी तट के दसियों फ़िलिस्तीनी मोहल्लों पर क़ब्ज़ा करने के क़ानून में सुधार के प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त कर दी है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Dec ०६, २०१६ ११:४३ Asia/Kolkata
  • फ़िलिस्तीन की धरती पर बस्तियां बनाने की मिली छूट

ज़ायोनी संसद कनेसेट ने सोमवार की रात आरंभिक मतदान में जार्डन नदी के पश्चिमी तट के दसियों फ़िलिस्तीनी मोहल्लों पर क़ब्ज़ा करने के क़ानून में सुधार के प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त कर दी है।

जार्डन नदी के पश्चिमी तट पर फ़िलिस्तीनी धरती पर क़ब्ज़ा करने के क़ानून के विधेयक को अंतिम रूप देने के लिए कनेसेट में तीन चरणों मेंं मतदान होगा और उसके बाद यह प्रस्ताव पारित होगा।

इस योजना के आधार पर फ़िलिस्तीनी धरती अमूना में 330 काॅलोनियां बनाई जाएंगी जिन्हें ज़ायोनी क्षेत्रों में शामिल कर लिया जाएगा।

इस्राईल, फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में कालोनियों का निर्माण करके क्षेत्र के आबादी के संतुलन को अपने हित में मोड़ने के प्रयास में है ताकि इन फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों पर अपने वर्चस्व का दावा कर सके।

इसी मध्य ज़ायोनी पुलिस ने सोमवार को ज़ायोनी बस्तियों के निवासियों के मस्जिदुल अक़सा में प्रविष्ट होने की समय सीमा बढ़ा दी है। इसी के साथ ज़ायोनी सैनिकों ने मस्जिदुल अक़सा के आसपास खुदाई की प्रक्रिया तेज़ कर दी है।

मस्जिदुल अक़सा के प्रबंधक उमर कसवानी ने ज़ायोनियों के मस्जिदुल अक़सा में प्रविष्ट होने की समय सीमा बढ़ाने की निंदा करते हुए कहा कि ज़ायोनी शासन की यह कार्यवाही, मस्जिदुल अक़सा में ज़ायोनी शासन का खुला हस्तक्षेप है। (AK)