इंतेफ़ाज़ा की 29वीं वर्षगांठ
ज़ायोनियों के विरुद्ध फ़िलिस्तीनी जनता के पहले इंतेफ़ाज़ा जनानदोलन की आज 29 वी वर्षगांठ है।
ज़ायोनी शासन के विरुद्ध फ़िलिस्तीनी राष्ट्र के पहले इंतेफ़ाज़ा के रूप में 29 वर्ष पहले पत्थरों के इंतेफ़ाज़ा की बुनियाद रखी गई थी जबकि फ़िलिस्तीनियों के तीसरे इंतेफ़ाज़ा के रूप में क़ुद्स इंतेफ़ाज़ा भी दूसरे साल में प्रविष्ट हो गया।
पहला इंतेफ़ाज़ा आठ दिसंबर वर्ष 1987 में ग़ज़्ज़ा पट्टी के उत्तरी जेबालिया कैंप से आरंभ हुआ। उसके बाद फ़िलिस्तीनी शहरों और कैंपों तक पहुंच गया। फ़िलिस्तीनी जनता का प्रतिरोध एेसी स्थिति में आरंभ हुआ कि कि इस्राईलियों ने फ़िलिस्तीनी मज़दूरों पर गाड़ी चढ़ा दी जिसमें चार मज़दूर शहीद हो गये थे।
फ़िलिस्तीनियों ने इस इंतेफ़ाज़ा का नाम पत्थरों का इंतेफ़ाज़ा रखा क्योंकि इस इंतेफ़ाज़ा में पत्थरों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई । फ़िलिस्तीनियों के पहले इंतेफ़ाज़ा में 241 बच्चों सहित 1162 फ़िलिस्तीनी शहीद जबकि 90 हज़ार लोग घायल हुए। 1228 घरों को तबाह कर दिया गया और बैतुल मुक़द्दस, जार्डन नदी के पश्चिमी तट, ग़ज़्ज़ा पट्टी और तथा अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में 60 हज़ार फ़िलिस्तीनियों को पत्थर फेंकने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया।
दूसरा इंतेफ़ाज़ा, जो अक़सा इंतेफ़ाज़ा के नाम से प्रसिद्ध हुआ 28 सितंबर 2000 और बड़ी संख्या में सैनिकों के साथ मस्जिदुल में ज़ायोनी प्रधानमंत्री एरयिल शारून के प्रविष्ट होने के समय आंरभ हुआ। दूसरे क़ुद्स इंतेफ़ाज़ा में 4 हज़ार से अधिक फ़िलिस्तीनी शहीद जबकि 48 हज़ार से अधिक घायल हुए।
तीसरा इंतेफ़ाज़ा भी अपने दूसरे वर्ष में प्रविष्ट हो चुका है जो अक्तूबर 2015 से फ़िलिस्तीनियों के विरुद्ध ज़ायोनियों के अपराधों और बस्तियों के निर्माण के विरुद्ध आरंभ हुआ जिसमें अब तक 268 फ़िलिस्तीनी शहीद हो चुके हैं। (AK)