यमन में सऊदी अपराध विषम रूप धारण करते जा रहे हैं
विश्व समुदाय उनमें सर्वोपरि संयुक्त राष्ट्रसंघ की कमज़ोर नीतियों के कारण ये अपराध यथावत जारी हैं।
यमनी जनता के विरुद्ध सऊदी अरब के अपराध प्रतिदिन नया और विषम रूप धारण करते जा रहे हैं। इस संबंध में यमन में संयुक्त राष्ट्र संघ के मानवता प्रेमी मामलों के समन्यकर्ता जिमी मेक गोल्ड्रिक ने कहा है कि यमन संकट को भुला दिया गया है और विश्व ने इस संकट से अपनी आंखें मूंद ली हैं।
उन्होंने कहा कि सऊदी अरब द्वारा यमन युद्ध आरंभ किये हुए लगभग दो वर्ष का समय बीत रहा है और इस युद्ध के कारण यमन के दसियों लाख लोगों की स्थिति दयनीय व बदतर हो गयी है। सऊदी अरब द्वारा यमन युद्ध आरंभ करने से लेकर अब तक 10 हज़ार से अधिक यमनी मारे जा चुके हैं जिनमें ध्यान योग्य संख्या बच्चों और महिलाओं की है।
इसी प्रकार इस युद्ध में लगभग 37 हज़ार लोग घायल भी हुए हैं। सऊदी अरब के अपराधों पर विश्व के विभिन्न समाजों की ओर से आपत्ति जताई जा रही है परंतु विश्व समुदाय उनमें सर्वोपरि संयुक्त राष्ट्रसंघ की कमज़ोर नीतियों के कारण ये अपराध यथावत जारी हैं।
विश्व संकटों के समाधान में संयुक्त राष्ट्रसंघ के कमज़ोर क्रिया -कलापों के दृष्टिगत यह बात अपेक्षा से परे नहीं थी कि यह संघ विश्व में शांति व सुरक्षा स्थापित करने में अपने दायित्व के निर्वाह के बजाये सऊदी अरब के प्रभाव के कारण अपने दृष्टिकोण को परिवर्तित कर देगा और सऊदी अरब के अपराधों में उसका साथ देगा।
सऊदी अरब और उसके पिछलग्गूओं की ओर से यमनी जनता की सामूहिक रूप से की जाने वाली हत्या एक खतरनाक चीज़ है और यह कार्य संयुक्त राष्ट्रसंघ के दायित्वों और लक्ष्यों से मेल नहीं खाता है और यह संघ यमन में सऊदी अरब के अपराधों में भागीदार में परिवर्तित हो गया है।
कार्यवाहियां, बयान और यमन संकट के बारे में संयुक्त राष्ट्रसंघ की प्रतिक्रिया इस बात की सूचक है कि वह अमेरिका और सऊदी अरब की नीतियों का अनुसरण कर रहा है।
बहरहाल संयुक्त राष्ट्रसंघ ने यमन संकट के संबंध में अपने दायित्वों का निर्वाह नहीं किया है और वह यमन में सऊदी अपराधों को रोकवाने की दिशा में बाधा न बन सका।
यमन में संयुक्त राष्ट्रसंघ के मानवता प्रेमी मामलों के समन्वयकर्ता के बयान को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है। MM