सऊदी अरब के व्यापक हमलों के साथ यमन में महामारी शुरु
एक ओर यमन में जहां सऊदी अरब के हमलों में निरंतर आम लोग मारे जा रहे हैं वहीं इस देश में महामारी की वजह से भी दसियों लोगों की मौत हो गयी है।
यमन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरूवार 8 दिसंबर को घोषणा की थी कि यमन के 15 प्रांतों में महामारी के फैलने से अब तक 89 नागरिकों की मौत हो चुकी है। इसी मध्य सऊदी अरब के युद्धक विमानों ने सनआ प्रांत के बनी बोललूल और सनहान क्षेत्रों पर भीषण बमबारी की। रिपोर्ट में बताया गया है कि सऊदी अरब और उसके घटकों के युद्धक विमानों ने गुरूवार को पश्चिमोत्तरी प्रांत सादा के विभिन्न क्षेत्रों पर 27 बार बमबारी की जिसमें कई आम नागरिक हताहत व घायल हुए हैं।
यमन पर सऊदी अरब के हमलों को आंरभ हुए 21 महीने का समय हो चुका है। इस युद्ध में सबसे अधिक प्रत्यक्ष रूप से आम नागरिकों को नुक़सान पहुंचा है। जहां इस देश के नागरिक सऊदी अरब और उसके घटकों की बमबारी में मारे जा रहे हैं वहीं देश में फैली महामारी बाक़ी बचे लोगों को मौत की नींद सुला दे रही है।
यमन युद्ध के कारण देश का 80 प्रतिशत आधार भूत ढांचा तबाह हो चुका है जिनमें स्कूल, कालेज, अस्पताल और चिकित्सा केन्द्र भी शामिल हैं। विश्व स्वास्थ्य संस्था ने अगस्त 2016 में घोषणा की थी कि यमन में केवल 45 प्रतिशत चिकित्सा केन्द्र काम कर रहे हैं जिमें 37 प्रतिशत अस्पताल हैं। यमन में 3507 चिकित्सा और उपचार केन्द्रों में 16 प्रांतों में केवल 1900 केन्द्र पूरी तरह ठप्प हैं या सीमित गतिविधियां कर रहे हैं। उदाहरण स्वरूप तइज़ प्रांत में 70 प्रतिशत से अधिक चिकित्सा केन्द्र या ठप्प हैं या सीमित गतिविधियां अंजाम दे रहे हैं।
यमन में महामारी के फैलने का मुख्य कारण खाद्य पदार्थों और पानी की कम है। इन विषम परिस्थितियों के बावजूद यमन पर सऊदी अरब के पाश्विक हमलों का क्रम यथावत जारी है और हर दिन दसियों लोग घायल व हताहत हो रहे हैं।
महत्वपूर्ण बात यह है कि पश्चिमी देश पूर्वी हलब में संघर्ष विराम के लिए किसी प्रकार के प्रयास से संकोच नहीं कर रहे हैं किन्तु यमन की दयनीय स्थिति पर मूकदर्शक बने हुए हैं। (AK)