ओस्लो समझौता, फ़िलिस्तीनी राष्ट्र के लिए परिणामहीन रहाः रमज़ान अब्दुल्लाह
फ़िलिस्तीन के जेहादे इस्लामी आंदोलन के महासचिव ने कहा है कि 35 साल बाद ओस्लो समझौता, फ़िलिस्तीनी राष्ट्र के लिए अधिक समस्याओं के अतिरिक्त कोई और परिणाम नहीं लाया।
ओस्लो में ज़ायोनी शासन और फ़िलिस्तीनी प्रशासन के मध्य 1993 में एक समझौता हुआ था जिसमें ज़ायोनी शासन को आधिकारिक रूप से स्वीकार करने का प्रयास किया गया था। जेहादे इस्लामी आंदोलन के महासचिव रमज़ान अब्दुल्लाह ने तेहरान में ईरान की इस्लामी व्यवस्था की हित संरक्षक परिषद के स्ट्रेटैजिक शोध केन्द्र के प्रमुख डाक्टर अली अकबर विलायती से मुलाक़ात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि इस मुलाक़ात में जेहादे इस्लामी के अनुच्छेद 10 के बारे में चर्चा हुई जिसमें प्रतिरोध जारी रखने और ओस्लो समझौता रद्द और ज़ायोनी शासन को औपचारिकता न दिए जाने पर बल दिया गया है।
रमज़ान अब्दुल्लाह ने कहा कि ईरान ने इस योजना का स्वागत किया है और उसने फ़िलिस्तीन की धरती को वापस किए जाने के लिए फ़िलिस्तीन राष्ट्र के प्रतिरोध का समर्थन किया है क्योंकि फ़िलिस्तीनी राष्ट्र अपनी धरती की वापसी के लिए संघर्ष कर रहा है और यह धरती फ़िलिस्तीनियों की है। (AK)