ट्रंप ने किया इस्राईल विरोधी सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का विरोध
अमरीका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सुरक्षा परिषद के इस्राईल विरोधी प्रस्ताव को पश्चिमी एशिया में सांठगांठ की प्रक्रिया के विरुद्ध बताया है।
रोएटर्ज़ की रिपोर्ट के अनुसार, अमरीका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने शनिवार को अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन की धरती पर ज़ायोनी कालोनियों के निर्माण को रोकने के बारे में सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव की मंज़ूरी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रस्ताव क्षेत्र में सांठगांठ वार्ता प्रक्रिया के विपरीत है।
अमरीका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप इससे पहले अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से मांग कर चुके थे कि वे बस्तियों के निर्माण को रोकने के बारे में सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव को वीटो कर देंगे।
संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद ने फ़िलिस्तीनियों की अतिग्रहित ज़मीनों पर इन कॉलोनियों का निर्माण तुरंत रुकवाने पर आधारित प्रस्ताव नंबर 2334 पारित किया। यह सुरक्षा परिषद का अभूतपूर्व क़दम है। इस प्रस्ताव का मसौदा मलेशिया, वेनेज़ोएला, न्यूज़ीलैंड और सेनेगल ने पेश किया। इस प्रस्ताव के पक्ष में 14 मत पड़े जबकि अमरीका ने मतदान में भाग नहीं लिया।
इस प्रस्ताव के पारित होने से ज़ायोनी अधिकारी बौखला गये हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ और दुनिया के अधिकतर देशों ने जार्डन नदी के पश्चिमी तट और बैतुल मुक़द्दस में इस्राईल के कालोनी निर्माण की प्रक्रिया को ग़ैर क़ानूनी बताया है क्योंकि ज़ायोनियों ने वर्ष 1957 के युद्ध में इस धरती का अतिग्रहण किया है। जेनेवा कन्वेश्न के आधार पर अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन में इस्राईल की ओर से हर प्रकार के निर्माण का अवैध है। (AK)