यूरोपीय देश आतंकियों का समर्थन बंद करेंः बश्शार असद
सीरिया के राष्ट्रपति बश्शार असद ने कहा है कि यदि यूरोपीय देश, सीरियाई जनता की सहायता करना चाहते हैं तो सबसे पहले उन्हें आतंकवादियों की सहायता बंद करनी चाहिए।
बश्शार असद ने गुरूवार को दमिश्क़ में यूरोप और यूरोपीय सांसदों के एक संयुक्त प्रतिनिधि मंडल से मुलाक़ात में कहा कि यूरोप के नेताओं को अब यह समझ लेना चाहिए कि सीरिया संकट का समाधान इस देश की जनता के हाथों में है और यह भी उन्हें स्वीकार करना चाहिए कि इन देशों में आतंकवादी हमले, इन देशों की ग़लत नीतियों का परिणाम हैं।
सीरिया के रणक्षेत्र में भारी परिवर्तनों और आतंकवादियों के मुक़ाबले विशेषकर आतंकवादियों के नियंत्रण से हलब शहर की आज़ादी में सेना और इस देश के स्वयं सेवी बलों की सफलताओं के कारण यूरोपीय देशों ने बश्शार असद की सरकार के साथ अधिक सहयोग के प्रयास आरंभ कर दिए हैं। आतंकवाद के विरुद्ध युद्ध में सीरिया की सफलता ने राजनैतिक मंच पर बश्शार असद के क़ानूनी स्थान को मजब़ूत कर दिया है और यह एेसी स्थिति में है कि क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा की गैरेंटी, सीरिया की सरकार के साथ सहयोग की परिधि में इस देश में आतंकवाद के समूल सफ़ाए पर आधारित है।
सीरिया का युद्ध, क्षेत्र और दुनिया के लिए एक पाठ है और इसका कारण यूरोप सहित दुनिया के बहुत से देशों में आतंकवाद की लहर है क्योंकि पश्चिमी देशों ने आतंकवाद के समर्थन में ग़लत नीतियां अपनाईं और विभिन्न संकटों में हस्तक्षेप के लिए आतंकवाद को हथकंडे के रूप में प्रयोग किया। पश्चिम की ग़लत नीतियों के कारण, सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में यूरोपीय सरकारों सहित यूरोपीय नागरिकों को भीषण समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
कहा जाता है कि मध्यपूर्व और उत्तरी अफ़्रीक़ा में इस्लामी चेतना की लहर के शुरु होते ही सऊदी अरब सहित कुछ अरब सरकारों के साथ पश्चिम के षड्यंत्र आरंभ हो गये जिनका लक्ष्य, क्षेत्र में इस्लामी चेतना की लहर को मार्ग से हटाना था और इस प्रकार मध्यपूर्व क्षेत्र को पश्चिमी देशों के नागरिकों के आतंकी हमलों का सामना करना पड़ा।
पश्चिम की ओर से दिशा निर्देशित आतंकवाद ने सीरियाई जनता को भी अपने हमलों का निशाना बनाया और इसी के साथ पश्चिमी सरकारें धूर्ततापूर्ण प्रोपेगैंडों के माध्यम से सीरिया में आतंकवाद का औचित्य पेश करने के प्रयास में रहीं। पश्चिमी देशों की यह कार्यवाहियां एेसी स्थिति में हैं कि आतंकवाद के मुक़ाबले में सीरिया की सेना और जनता का प्रतिरोध, मजब़ूत बांध साबित हुआ जिसने आतंकवादियों और उनके स्वामियों के समस्त षड्यंत्रों पर पानी फेर दिया। (AK)