दमिश्क़ पर ज़ायोनी शासन के हवाई हमले पर सीरिया की चेतावनी
दमिश्क़ पर ज़ायोनी शासन के हवाई हमले पर सीरिया की चेतावनी
दमिश्क़ के मज़्ज़ा एयरपोर्ट पर ज़ायोनी शासन के हवाई हमले की प्रतिक्रिया में सीरिया के सशस्त्र बल की कमान ने इस खुले अतिक्रमण के अंजाम की ओर से इस्राईल को चेतावनी दी है। ज़ायोनी सेना ने आतंकियों का समर्थन करने और आतंकवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष के मार्ग में रुकावट डालने के लिए गुरुवार की रात दमिश्क़ स्थित मज़्ज़ा एयरपोर्ट पर मीज़ाईल मारा।
मार्च 2011 से जबसे सीरिया संकट शुरु हुआ है, ज़ायोनी शासन अनेक बार विभिन्न क्षेत्रों में सीरियाई सेना की छावनियों व चौकियों पर हवाई हमले कर चुका है। सीरिया को पश्चिम और विश्व ज़ायोनीवाद तथा क्षेत्र में उनके समर्थकों की ओर से रचे गए षड्यंत्र के कारण आंतरिक संकट का सामना है। इस साज़िश के तहत ज़ायोनी शासन और बश्शार असद की विरोधी पश्चिमी सरकारों ने सीरिया में जनता के एक गुट के विरोध का दुरुपयोग करते हुए आतंकियों व बलवाइयों की मदद करके सीरिया में अशांति फैलायी है। सीरिया के भीतर ज़ायोनी शासन की ओर से भड़काए गए षड्यंत्र के साथ साथ सीरिया के ख़िलाफ़ ज़ायोनी शासन की सैन्य गतिविधियों में तेज़ी के मद्देनज़र इस बात में कोई संदेह नहीं रह गया है कि सीरिया को ज़ायोनी शासन व पश्चिमी सरकारें और उनकी समर्थक सरकारों की ओर से ख़तरनाक षड्यंत्र का सामना है। ज़ायोनी शासन आतंकियों व तकफ़ीरियों के समर्थन में सीरियाई सेना और प्रतिरोध बल पर बहुत बार हमले कर चुका है। ज़ायोनी शासन दमिश्क के निकटवर्ती क्षेत्रों सहित सीरिया के विभिन्न क्षेत्रों में टकराव में तेज़ी लाकर सीरिया के स्ट्रेटिजिक क्षेत्रों में आतंकियों की गतिविधियों के लिए मार्ग समतल करना चाहता है। लेकिन इस्राईल के इस प्रकार के अतिक्रमणकारी क़दम पर सीरियाई सेना और प्रतिरोध बल की ओर से प्रतिक्रिया ने ज़ायोनी शासन की साज़िश को नाकाम बना दिया और आतंकियों को धूल चटा दी है।
दमिश्क़ के उपनगरीय क्षेत्र में आतंकियों के ख़िलाफ़ सीरियाई सेना और स्वयंसेवी बल की व्यापक कार्यवाही ने आतंकियों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया है। इस क्षेत्र से आतंकियों को निकालने के लिए सीरियाई सेना के साथ संघर्ष विराम, सीरिया में आतंकियों को हो रही घोर पराजय को दर्शाता है।
सीरियाई सेना की ओर से ज़ायोनी शासन को साफ़ तौर पर चेतावनी यह दर्शाती है कि सीरिया इस बात की इजाज़त नहीं देगा कि ज़ायोनी शासन अपना कोई लक्ष्य साध सके। (MAQ/T)