यमन सरकार ने सऊदी योजना का विरोध कर दिया
यमन के विदेशमंत्रालय ने यमनी पलायनकर्ताओं के लिए सुरक्षित क्षेत्र बनाने की सऊदी योजना को सऊदी अरब द्वारा अत्याचारग्रस्त दिखाने का षड्यंत्र बताया है।
मोअतमर नेट की रिपोर्ट के अनुसार, यमन के विदेशमंत्रालय ने बुधवार को एक बयान जारी करके कहा कि यमन में विस्थापितों के लिए सुरक्षित क्षेत्र बनाने की सऊदी अरब की योजना से पता चलता है कि वह दुनिया में अपनी छवि को सही करके पेश करने का प्रयास कर रहा है।
यमन के विदेशमंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि सनआ की राष्ट्रीय एकता सरकार की समन्वय के बिना यमन में यमनी विस्थापितों के लिए सुरक्षित क्षेत्र बनाना, राष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन है।
यमन के विदेशमंत्रालय ने कहा कि सऊदी अरब किस प्रकार यमनी विस्थापितों के लिए इतना परेशान क्यों है जबकि पिछले 22 महीनों के दौरान यमन के अधिकतर प्रांतों पर निरंतर सैन्य कार्यवाही कर रहा है जिसमें अब तक चार करोड़ से अधिक नागरिक विस्थापित हुए हैं।
यमन के विदेशमंत्रालय ने कहा है कि सऊदी अरब और उसके पिट्ठुओं ने वर्ष 2016 के अंत तक यमन के सैन्य और आम नागरिक प्रतिष्ठानों को जो नुक़सान पहुंचाया है वह 180 अरब डाॅलर का है।
यमन के विदेशमंत्रालय ने अमरीका की नई सरकार से मांग की है कि वह मध्यपूर्व के बारे में अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करे और सऊदी अरब की सामरिक और गुप्तचर सहायता रोक दे। (AK)