आस्ताना बैठक सीरियाई विद्रोहियों की उपस्थिति के बिना हुई
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बश्शार जाफरी ने रहस्योदघाटन किया है कि तुर्की आस्ताना बैठक को विफल बनाने के लिए विघ्न उत्पन्न कर रहा है और तुर्की की सिफारिश पर विद्रोहियों ने इस वार्ता में भाग नहीं लिया है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Mar १५, २०१७ १६:०२ Asia/Kolkata

बश्शार जाफरी ने रहस्योदघाटन किया है कि तुर्की आस्ताना बैठक को विफल बनाने के लिए विघ्न उत्पन्न कर रहा है और तुर्की की सिफारिश पर विद्रोहियों ने इस वार्ता में भाग नहीं लिया है।

सीरिया संकट के समाधान के लिए 14 और 15 मार्च को कज्ज़ाकिस्तान में आस्ताना 3 बैठक हुई है जिसमें सीरिया के विद्रोही गुटों के प्रतिनिधियों ने भाग नहीं लिया।

इस बैठक में सीरियाई विद्रोहियों के भाग न लेने के बावजूद ईरान और रूस ने सीरिया संकट के राजनीतिक समाधान के लिए गम्भीर प्रयास किया और आस्ताना 3 बैठक को प्रभावी कदम के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही रूस के विदेशमंत्री ने इस बैठक में सीरियाई विद्रोहियों के भाग न लेने की आलोचना की है।

यह बैठक 14 मार्च को कज्जाकिस्तान के आस्ताना नगर में सीरियाई विद्रोहियों की उपस्थिति के बिना आरंभ हुई जबकि इससे पहले आस्ताना में होने वाली बैठक में सीरियाई विद्रोहियों ने भाग लिया था।

यह ऐसी स्थिति में है जब सीरिया के सरकारी प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष बश्शार जाफरी ने रहस्योदघाटन किया है कि तुर्की आस्ताना बैठक को विफल बनाने के लिए विघ्न उत्पन्न कर रहा है और तुर्की की सिफारिश पर विद्रोहियों ने इस वार्ता में भाग नहीं लिया है।

सीरिया में होने वाले परिवर्तन इस बात के सूचक हैं कि इस देश के संकट के समाधान के लिए होने वाले अंतरराष्ट्रीय प्रयास आशाजनक चरण तक पहुंच गये हैं इस प्रकार से कि कुछ पक्षों को यह बात पसंद नहीं आ रही है और इन वार्ताओं को विफल बनाने के लिए विघ्न उत्पन्न किये जा रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय प्रयास जो अब तक सफल नहीं हुए हैं वे इसी वास्तविकता में नीहित हैं।

तुर्की और सीरियाई विरोधियों की ओर से की जाने वाली गतिविधियों से प्रभावित हुए बिना आस्ताना 3 बैठक हुई।

बहरहाल इस्लामी गणतंत्र ईरान सीरिया संकट के समाधान के लिए राष्ट्रसंघ की ओर से किये जाने वाले प्रयासों का समर्थन करता है और साथ ही वह सीरिया में मानवीय, राजनीतिक और सुरक्षा पहलुओं पर भी ध्यान दिये जाने पर बल देता है।

सीरिया संकट के संबंध में ईरान की नीति यह है कि इस देश का भविष्य निर्धारित करने का अधिकार सीरियाई जनता को है और वह सीरिया की कानूनी सरकार का समर्थन करता है और यह विषय इस बात का कारण बना है कि सीरिया के परिवर्तनों और आतंकवाद से मुकाबले में ईरान को एक प्रभावी देश के रूप में देखा जा रहा है। MM