बहरैन, राजनीतिक क़ैदी मोहम्मद सहवान की जेल में मौत
बहरैन से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, इस देश की जू सैंट्रल जेल में मोहम्मद सहवान नामक क़ैदी को शहीद कर दिया गया है।
2017 के शुरू में जब से 10 क़ैदी जेल तोड़कर भागे हैं, आले ख़लीफ़ा के जेल अधिकारियों ने जेलों में बंद क़ैदियों को विशेष रूप से राजनीतिक क़ैदियों को अत्यधिक यातनाएं देना शुरू कर दिया है।
बहरैन में फ़रवरी 2011 में जनक्रांति की शुरूआत के बाद से, आले ख़लीफ़ा शासन ने हज़ारों मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेलों की सलाख़ों के पीछे धकेल दिया है।
बहरैनी जनता अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन चला रही है, जबकि आले ख़लीफ़ा शासन इस आंदोलन को बर्बरतापूर्ण तरीक़े से कुचलने में लगा हुआ है।
बहरैन फ़ार्स खाड़ी का एक छोटा से अरब देश है, इसके बावजूद इलाक़े में इस देश में सबसे अधिक राजनीतिक क़ैदी जेलों में बंद हैं। msm