सीरिया संकट के समाधान के लिए प्रयास जारी रहना चाहियेः राष्ट्रसंघ
सीरिया संकट के समाधान के लिए पश्चिमी देशों में जो वार्ताएं होती हैं उनसे आतंकवादियों और उनके समर्थकों के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने की भूमि प्रशस्त हो गयी है।
सीरिया के मामलों में संयुक्त राष्ट्रसंघ के विशेष दूत ने इस देश के संकट के समाधान के लिए ईरान, रूस और तुर्की की ओर से किये जाने वाले प्रयासों के समर्थन के साथ सीरिया संकट के समाधान तक इन प्रयासों के जारी रहने पर बल दिया है।
सीरिया संकट के समाधान के लिए जनेवा में वार्ता आरंभ हुई है और सीरिया में लड़ाई जारी रहने की वजह से वार्ता पर जो नकारात्मक वातावारण छाया हुआ है उसे सांकेतिक रूप से स्टीफन दी मिस्तूरा ने स्वीकार किया और उस पर खेद व्यक्त किया है। यह वार्ता सीरिया संकट के समाधान के लिए जनेवा में 23 मार्च से आरंभ हुई है।
इस वार्ता के बारे में स्टीफन दी मिस्तूरा ने जो बयान दिया है वह इस वार्ता के प्रति राष्ट्रसंघ की निराशा का सूचक है। जनेवा पांच वार्ता के साथ सीरिया में आतंकवादियों की गतिविधियों में वृद्धि इस बात की परिचायक है कि जनेवा वार्ता प्रक्रिया सीरिया संकट के समाधान के लिए आवश्यक वातावरण प्रशस्त न कर सकी।
यह उस स्थिति में है जब सीरिया संकट के समाधान के लिए अभी हाल ही में आस्ताना 3 बैठक में विरोधियों ने भाग नहीं लिया जो इस बात को सिद्ध करती है कि सीरिया संकट के समाधान के लिए अंततरराष्ट्रीय स्तर पर जो प्रयास किये जा रहे हैं उनका विरोधियों के लिए कोई महत्व नहीं है और वे इस प्रकार की बैठकों में विशिष्टता लेने और अपने अपराधों को जारी रखने के प्रयास में हैं।
बहरहाल सीरिया संकट के समाधान के लिए पश्चिमी देशों में जो वार्ताएं होती हैं उनसे आतंकवादियों और उनके समर्थकों के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने की भूमि प्रशस्त हो गयी है। इस प्रकार के क्रिया कलाप इस बात के कारण बने हैं कि सीरिया संकट के समाधान के संबंध में होने वाले प्रयासों का कोई स्पष्ट परिणाम न निकले और ये वार्ताएं व बैठकें व्यवहारिक रूप से अर्थहीन बैठकों में परिवर्तित हो गयी हैं। MM