बश्शार असद की हत्या कर देनी चाहियेः इस्राईल
सीरियाई सरकार के विरुद्ध जो कुछ देश के भीतर और बाहर हो रहा है उसका मुख्य योजनकार अमेरिका है।
अमेरिका ने सीरिया के पांच व्यक्तियों और पांच संस्थाओं के विरुद्ध नया प्रतिबंध लगा दिया है। जिन लोगों पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगाया है उन पर सीरियाई सरकार के समर्थन का आरोप है। इसी प्रकार जायोनी शासन के आवास मंत्री ने भी सीरिया के राष्ट्रपति बश्शार असद की हत्या की मांग की है।
अमेरिका सीरियाई सरकार का मुख्य विरोधी है और वह सीरियाई सरकार के विरोधियों का व्यापक समर्थन कर रहा है। वास्तव में सीरियाई सरकार के विरुद्ध जो कुछ देश के भीतर और बाहर हो रहा है उसका मुख्य योजनकार अमेरिका है।
साथ ही अमेरिका हथियारों, संचार माध्यमों और कूटनयिक मार्गों से सीरियाई सरकार के विरोधियों का समर्थन कर रहा है। अमेरिका, सीरिया के भीतर और बाहर सीरियाई सरकार के विरोधियों का राजनीतिक समर्थन कर रहा है।
सीरिया के भीतर छद्मयुद्ध की योजना व कार्यक्रम अमेरिका ने बनाया था जिसे सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब इमारात जैसे देश व्यवहारिक बना रहे हैं।
सीरिया में जिस समय आतंकवादी गुट दबाव में थे अमेरिका ने सीरियाई सरकार के विरुद्ध सैनिक कार्यवाही करके उन्हें दबाव से निकालने का प्रयास किया। अभी पिछले महीने सात अप्रैल को सीरिया की शईरात हवाई छावनी पर अमेरिका के मिसाइली हमले को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है।
अमेरिकी सरकार ने सीरियाई सरकार के विरुद्ध 16 मई को दावा किया कि उसने सैदनाया जेल के कुछ बंदियों को मृत्युदंड देकर उन्हें जला दिया।
अमेरिका ने यह आरोप ऐसी स्थिति में लगाया है जब उसने इससे पहले रासायनिक हथियार प्रयोग करने के संबंध में अपने आरोप को सिद्ध करने के लिए किसी प्रकार का प्रमाण पेश नहीं किया है।
इसी बीच सरकारी आतंकवाद के प्रतीक जायोनी शासन के आवास मंत्री ने सीरिया के राष्ट्रपति बश्शार असद की हत्या की मांग की है। जायोनी शासन के आवास मंत्री ने कुद्स के निकट एक प्रेस कांफ्रेन्स में कहा कि बश्शार असद की हत्या कर दी जानी चाहिये और उनके लिए इस दुनिया में कोई स्थान नहीं है।
इसी तरह जायोनी शासन के आवास मंत्री ने किसी प्रकार के प्रमाण के बिना कहा कि सीरिया की सरकार ने रासायनिक हथियारों का प्रयोग किया है और वह लोंगो को मृत्युदंड देती है और बश्शार असद की हत्या का समय आ गया है।
बहरहाल इस्राईल के आवासमंत्री की ओर से इस प्रकार के बयान पर आश्चर्य नहीं करना चाहिये क्योंकि जायोनी शासन विश्व में सरकारी आतंकवाद का प्रतीक है और अब तक उसने इस शैली का बारमबार प्रयोग करके हिज्बुल्लाह, हमास के वरिष्ठ अधिकारियों और इस्लामी गणतंत्र ईरान के परमाणु वैज्ञानिकों को शहीद किया है। MM