अमेरिकी हमले का परिणाम, दाइश की मज़बूती हैः सीरिया
https://parstoday.ir/hi/news/west_asia-i43330-अमेरिकी_हमले_का_परिणाम_दाइश_की_मज़बूती_हैः_सीरिया
अमेरिका उस गठबंधन की अगुवाई कर रहा है जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों, संयुक्त राष्ट्रसंघ के घोषणापत्र और सीरिया के बारे में सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन कर रहा है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jun ०८, २०१७ १४:४२ Asia/Kolkata

अमेरिका उस गठबंधन की अगुवाई कर रहा है जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों, संयुक्त राष्ट्रसंघ के घोषणापत्र और सीरिया के बारे में सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन कर रहा है।

सीरिया के विदेशमंत्रालय ने अमेरिका की अगुवाई में बने आतंकवाद विरोधी तथाकथित गठबंधन के हमले की प्रतिक्रिया में कहा है कि उसके हमले में सीरिया के लोगों और सेना को लक्ष्य बनाया जाता है और आतंकवादी गुट दाइश के मजबूत होने के अलावा इन हमलों का कोई अन्य परिणाम नहीं रहा है।

सीरिया के विदेशमंत्रालय ने एक विज्ञप्ति जारी करके घोषणा की है कि आतंकवादी गुट दाइश से मुकाबले के बहाने अमेरिका और उसकी अगुवाई में बने दूसरे देशों की कार्यवाही विश्व जनमत विशेषकर सुरक्षा परिषद को गुमराह करने का स्पष्ट प्रमाण है।

इस विज्ञप्ति में इसी प्रकार आया है कि अमेरिका उस गठबंधन की अगुवाई कर रहा है जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों, संयुक्त राष्ट्रसंघ के घोषणापत्र और सीरिया के बारे में सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन कर रहा है।

ज्ञात रहे कि सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों में सीरिया की संप्रभुता के सम्मान की आवश्यकता पर बल दिया गया है। अभी हाल ही में अमेरिका की अगुवाई वाले युद्धक विमानों ने सीरिया के रक्का नगर के आवासीय क्षेत्रों पर बमबारी की थी जिसमें अधिकतर आम नागरिक मारे गये थे।

आतंकवादी गुटों से मुकाबले के लिए अमेरिका की अगुवाई में जो तथाकथित अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बना है हालिया महीनों में विशेषकर डोनाल्ड ट्रम्प के अमेरिका का राष्ट्रपति बन जाने के बाद सीरिया में उसके हमलों में वृद्धि हो गयी है और यह विषय सीरिया की संप्रभुता का उल्लंघन करने हेतु अमेरिकी अधिकारियों के आग्रह और आतंकवाद से मुकाबले में अमेरिकी और उसके घटकों के दावों के खोखलेपन का सूचक है।

अमेरिका की अगुवाई में बने तथाकथित गठबंधन का लक्ष्य सीरिया को कमजोर करना, इस देश की आधारभूत संरचनाओं को तबाह करना और लोगों में भय व आतंक उत्पन्न करना है।

उल्लेखनीय है कि सीरियाई जनता और सेना को लक्ष्य बनाने में वृद्धि ऐसी स्थिति में हुई है जब आतंकवादियों को निरंतर पराजय का सामना है और वे अपने अंत से निकट हो रहे हैं और अमेरिकी अधिकारी सीरिया में आतंकवादी गुटों के हित में हमले करके व्यवहारिक रूप से उनकी अंतिम पराजय को रोकने की चेष्टा में हैं। MM