सीरिया की सेना का विजयरथ प्रगति के मार्ग पर अग्रसर
सीरिया की सेना की सफल कार्यवाहियों के कारण आतंकवादी बहुत तेज़ी से पीछे की ओर हट रहे हैं।
यह बात सीरिया के मामले में संयुक्त राष्ट्रसंघ के दूत स्टीफन दी मिस्तूरा ने कही है। उन्होंने सीरिया में तनाव रहित क्षेत्रों के बढ़ने की ओर संकेत करते हुए कहा कि इस बात के लिए गंभीर प्रयास किये जा रहे हैं कि सीरिया में तनावरहित क्षेत्रों की संख्या में वृद्धि हो। मिस्तूरा ने कहा कि इस संबन्ध में आगामी आस्ताना बैठक में वार्ता की जाएगी। उल्लेखनीय है कि सीरिया में आतंकवादियों को जैसे-जैसे विफलताओं का मुंह देखना पड़ रहा है, उसी अनुपात में इस देश में तनाव रहित क्षेत्रों की संख्या में वृद्धि होती जा रही है।
अबतक आस्ताना में सीरिया के प्रतिनिधिमण्डल और सशस्त्र आतंकवादियों के उन गुटों के बीच वार्ता के चार चरण संपन्न हो चुके हैं जो सीरिया में व्यापक युद्ध विराम के इच्छुक हैं। इन बैठकों में ईरान, रूस और तुर्की की भी भूमिका रही है। आस्ताना बैठकों का एक मुख्य परिणाम, सीरिया में तनाव मुक्त क्षेत्रों की संख्या में वृद्धि है।यह बैठक़ैं ईरान की पहल पर रूस और तुर्की के सहयोग से कराई गईं ताकि सीरिया में यथाशीघ्र शांति स्थापित की जा सके।
एक ओर जहां पर ईरान, रूस और तुर्की के सहयोग से होने वाली आस्ताना बैठकों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं वहीं पर सीरिया के संदर्भ में पश्चिम की ओर से की जाने वाली वार्ताओं का कोई परिणाम दिखाई नहीं दे रहा है। राजनैतिक टीकाकारों का कहना है कि इसका मुख्य कारण है कि पश्चिम, सीरिया संकट के समाधान में बिल्कुल भी गंभीर नहीं है।
बहरहाल यह कहा जा सकता है कि आतंकवादियों के मुक़ाबले में सीरिया की सेना को मिलने वाली सफलताएं वास्त में इस देश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं। इन सफलताओं के ही कारण सीरिया में तनाव रहित क्षेत्रों की संख्या में तेज़ी से वृद्धि होती जा रही है। जानकारों का कहना है कि यही उपलब्धियां, सीरिया संकट के कूटनीतिक समाधान की भूमिका बनेंगी। राजनीतिक टीकाकार कहते हैं कि पश्चिम की ओर से सीरिया संकट के समाधान के लिए किये जाने वाले प्रयासों के विपरीत, एेसा लगता है कि आस्ताना बैठकों के परिणाम अधिक प्रभावशाली निकलेंगे।