अबू बक्र अलबग़दादी के बारे में जानिए रोचक बातें!!!
दाइश का सरग़ना अबू बक्र अलबग़दादी पिछले आठ महीनों से किसी सार्वजनिक स्थल पर प्रकट नहीं हुआ यहां तक हालिया दिनों में लोग उसे भूत कहने लगे थे।
आतंकवादी गुट दाइश का तथाकथित ख़लीफ़ा अबू बक्र अलबग़दादी पिछले आठ महीनों से लोगों के सामने नहीं आया था और उसके समर्थक उसे भूत कहकर याद करते थे। आतंकवादी गुट दाइश ने मंगलवार को एक संक्षिप्त बयान जारी करके अपने ख़लीफ़ा अबू बक्र अलबग़दादी के मारे जाने की पुष्टि कर दी और कहा कि इस गुट के नये ख़लीफ़ा की शीघ्र ही घोषणा कर दी जाएगी।
ज्ञात रहे कि 16 जून को रूसी वायु सेना ने भी घोषणा की थी कि इस बात की प्रबल संभावना है कि उत्तरी सीरिया के रक़्क़ा के निकट दाइशी कमान्डरों की बैठक पर रूसी बमबारी में अबू बक्र अलबग़दादी मारा गया है।
2014 से बग़दादी के मारे जाने की विभिन्न अफ़वाहें फैलती रही हैं किन्तु किसी भी किसी एक भी समाचार की पुष्टि नहीं हुई थी। अभी तक किसी को भी अबू बक्र अलबग़दादी की लाश नहीं मिली जिसके लिए अमरीका की ओर से 2 करोड़ पचास लाख डॉलर की ईनामी राशि की घोषणा की गयी है।
एक जांच दल सोफ़ान ग्रुप का कहना है कि ध्यान रहे कि दाइश का सरग़ना, इस संगठन की प्राचारिक मुहिम में भी बहुत कम देखा गया है। बग़दादी पर डॉक्युमेंट्री फ़िल्म बनाने वाली पश्चिमी पत्रकार सूफ़िया अमारा का कहना है कि उसका नाम इब्राहीम अव्वाद अलबद्री है और वह 1971 में इराक़ के शहर सामर्रा में पैदा हुआ। उसने दो शादियां की हैं, उसकी पहली पत्नी से चार बच्चे और दूसरी से दो बच्चे हैं, उसकी एक पत्नी ने उसे अपने परिवार के लिए एक आम अभिभावक की तरह बताया है।
बग़दादी की अपने लक्ष्य में विफलताः
बग़दादी को फ़ुटबॉल में बहुत रुचि थी और उसे वकील बनने का शौक़ था किन्तु वह लॉ कालेज में प्रवेश लेने में विफल रहा यद्यपि उसे सैन्य जीवन में कोई रुचि नहीं थी किन्तु कमज़ोर आंखों के कारण वह सेना में भर्ती होने से भी वंचित रहा, थक हार कर वह बग़दाद में धार्मिक शिक्षा प्राप्त करने में व्यस्त हो गया।
बूका जेल में दाख़िल होते ही बग़दादी के जीवन में अजीब का परिवर्तन हो गया। उसने 2004 में एक छोटा सा आतंकी गुट गठित किया जिसके परिणाम में उसे गिरफ़्तार करके बोका जेल में डाल दिया गया जहां 20 हज़ार से अधिक क़ैदी बंद थे। बग़दादी जिसके बारे में कहा जाता था कि वह एक शर्मिला और सामान्य क्षमता रखने वाला व्यक्ति है, दाइश का चीफ़ कमान्डर बन बैठा। बग़दादी को 2004 में प्रमाणों के न मिलने के कारण समस्त आरोपों से बरी कर दिया गया और वह बोका जेल से रिहा हो गया, उसने अलक़ायदा की इराक़ शाखा के प्रमुख अबू मुसअअब अलज़रक़ावी की बैयत कर ली अर्थात आज्ञा पालन का वचन दिया।
2005 में अमरीकी वायु सेना ने घोषणा की कि उसने अबू दुआ नामक एक आतंकवादी को मार गिराया है, यह वह नाम था जिसके पीछे अबू बक्र अलबग़दादी छिपा हुआ था किन्तु 2010 में जब अबू बक्र अलबग़दादी ने दाइश का नेतृत्व संभाला तो पता चला कि वह समाचार झूठा था। उसने दाइश की नये सिरे से व्यवस्थित किया और 2013 में सीरिया में जारी आपसी मतभेद और गृहयुद्ध से लाभ उठाते हुए इराक़ और सीरिया में इस्लामी सरकार की घोषणा कर दी है और उसके एक वर्ष बाद उसने इराक़ पर धावा बोल दिया।
2015 में अबू बक्र अलबग़दादी ने एक आडियो क्लिप जारी करते हुए मुसलमानों को अपनी तथा कथित ख़िलाफ़त में शामिल होने का निमंत्रण दिया और उन्हें अपने देशों में जेहाद आरंभ करने के लिए प्रेरित किया। (AK)