सीरिया आतंकवादियों का भेजा जाना बंद किया जाना चाहियेः राष्ट्रसंघ
अमेरिका और उसके क्षेत्रीय घटक विशेषकर सऊदी अरब क्षेत्र में कुछ आतंकवादी गुटों का समर्थन कर रहे हैं।
सीरिया के मामलों में संयुक्त राष्ट्रसंघ के विशेष दूत स्टीफ़ेन दि मिस्तूरा ने बल देकर कहा है कि आतंकवादियों को सीरिया स्थानांतरित किया जाना बंद किया जाना चाहिये।
स्टीफेन दि मिस्तूरा का यह बयान ऐसी स्थिति में सामने आ रहा है जब सीरिया में पश्चिमी देशों विशेषकर अमेरिका द्वारा आतंकवादियों का समर्थन पूरे ज़ोर के साथ जारी है।
अमेरिका ने आतंकवादियों को अच्छे और बुरे दो भागों में बांट रखा रखा है और अपने इस कार्य से वह सीरिया में आतंकवादियों की जाने वाली सहायता का औचित्य दर्शाना चाहता है।
अमेरिकी पत्रिका “वेट्रन्स” के प्रधान संपादक गोर्डन डफ़ ने अमेरिका को आतंकवादियों का मूल समर्थक बताया और कहा है कि इस समय जो लोग दाइश के साथ मिलकर लड़ रहे हैं उनमें से बहुत से लोगों को सैनिक प्रशिक्षण अमेरिका ने दी है।
इस अमेरिकी पत्रिका के प्रधान संपादक आगे लिखते हैं कि अमेरिका और उसके क्षेत्रीय घटक विशेषकर सऊदी अरब क्षेत्र में कुछ आतंकवादी गुटों का समर्थन कर रहे हैं।
सीरिया संकट पर दृष्टि डालने से यह बात स्पष्ट हो जाती है कि सीरिया संकट की जड़ विदेशी हस्तक्षेप है और आतंकवादियों को हथियार और पैसा देने में पश्चिमी सरकारों विशेषकर अमेरिका की भूमिका उल्लेखनीय है।
विदेशी हस्तक्षेप पर प्रतिक्रिया जताते हुए सीरिया के राष्ट्रपति बश्शार असद ने कुछ समय पहले इस प्रकार कहा था कि अगर यूरोपीय देश सीरियाई राष्ट्र की सहायता करना चाहते हैं तो उन्हें चाहिये कि वे सबसे पहले आतंकवादियों का समर्थन बंद कर दें।
सीरिया में होने वाले परिवर्तन इस बात के सूचक हैं कि षडयंत्रकारी आतंकवादियों के माध्यम से सीरिया को घरेलू संकट में व्यस्त करने की चेष्टा में हैं और यह वह वास्तविकता है जिसका सीरिया के मामलों में संयुक्त राष्ट्रसंघ के विशेष दूत स्टीफ़ने दि मिस्तूरा ने भी सांकेतिक रूप से स्वीकार भी किया है।
बहरहाल जब सीरिया की सेना और इस देश के स्वयं सेवी बलों को आतंकवादियों का सफाया करने में ध्यान योग्य सफलताएं मिल रही हैं तो ऐसी स्थिति में आम जनमत को भी यह अपेक्षा है कि विश्व समुदाय पश्चिमी सरकारों द्वारा आतंकवादियों को हथियारों से लैस करने में बाधा बन जायेगा। MM