कुछ अरब देशों के इस्राईल के साथ घनिष्ठ संबन्धः सीरिया
सीरिया ने ज़ायोनी शासन के साथ कुछ अरब देशों के मित्रतापूर्ण संबन्धों की आलोचना की है।
सीरिया के विदेश उपमंत्री ने कहा है कि कुछ अरब देशों के इस्राईल के साथ संबन्ध इतने मैत्रीपूर्ण हैं जितने किसी अन्य अरब देश के साथ नहीं हैं। फ़ैसल मिक़दाद ने कहा कि कुछ अरब देशों के ज़ायोनी शासन के साथ संबन्ध बहुत ही मैत्रीपूर्ण हैं।
उन्होंने सीरिया संकट की ओर संकेत करते हुए कहा कि जिन लोगों ने सीरिया को युद्ध में झोकने का षडयंत्र तैयार किया था उनका यह मानना था कि कुछ ही सप्ताहों में सीरिया में सरकार गिर जाएगी और फिर हम अपनी मनमानी करेंगे। सीरिया के विदेश उपमंत्री का कहना था किंतु सीरिया की सेना का प्रतिरोध, जनता को उनका सहयोग तथा ईरान, रूस और हिज़बुल्लाह की ओर से सीरिया के समर्थन ने शत्रु के सारे समीकरणों को धराशाई कर दिया।
फ़ैसल मिक़दाद ने कहा कि हम पूरी दृढ़ता के साथ आतंकवाद के विरुद्ध संघर्ष को जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि इस युद्ध में पराजय, इस्राईल की ग़ुलामी के अर्थ में है जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
ज्ञात रहे कि लगभग सात साल पहले कुछ पश्चिमी और अरब देशों ने ज़ायोनी शासन के साथ सहयोग करते हुए सीरिया से बश्शार असद की सरकार गिराने के उद्देश्य से आतंकवादी गुटों का रणनीतिक एवं वित्तीय समर्थन किया जो अब भी जारी है। इसके बावजूद सीरिया की सेना ने इसका डटकर मुक़ाबला किया। हालिया कुछ सप्ताहों के दौरान सीरिया की सेना कोआतंकवादी गुटों के विरुद्ध इस देश के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलताएं मिल रही हैं।