सऊदी अरब की न्यायिक व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
सऊदी अरब के उन 14 लोगों के घरवालों ने सऊदी दावे को झूठा बताया है जिनके सदस्यों को सऊदी सरकार ने फांसी की सज़ा सुनाई है।
इन परिवारों ने एक बयान जारी करके बताया है कि जिन 14 लोगों को फांसी की सज़ा सुनाई गई है उनके विरुद्ध पारदर्शी कार्यवाही नहीं की गई।
बयान में बताया गया है कि फांसी की सज़ा सुनाते समय वहां पर कोई सरकारी अधिकारी नहीं था और फैसला सुनाते समय किसी भी न्यायिक नियम का पालन नहीं किया गया। इन परिवारों का कहना है कि लोगों को यातनाएं देकर उनसे ज़बरदस्त बातें क़बूल करवाई गईं और उन्हें हस्ताक्षर करने के लिए विवश किया गया। सऊदी अरब के अधिकारियों ने कुछ दिन पहले इस देश के शिया बाहुल्य क्षेत्र के 29 लोगों को फांसी की सज़ा सुनाई।
उल्लेखनीय है कि सऊदी अरब के शिया बाहुल्य क्षेत्रों पर इस देश के सुरक्षाबलों के हमले बढ़ गए हैं। इस क्षेत्र में अबतक बड़ी संख्या में सऊदी शिया मारे जा चुके हैं। इसी के साथ ही सुरक्षा बलों ने विभिन्न बहानों से बहुत बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ़्तार किया है।