16 हज़ार यमनी मारे गयेः राष्ट्रसंघ
संयुक्त राष्ट्रसंघ के आंकड़ों के अनुसार यमन में दो साल से अधिक युद्ध और लड़ाई में कम से कम 16 हज़ार यमनी मारे गये हैं जिनमें कम से कम 10 हज़ार आम नागरिक हैं।
पिछले दो वर्षों के दौरान बारुदी सुरंगों में विस्फोट के कारण एक हज़ार से अधिक यमनी हताहत या अपंग हुए हैं। हमारे संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार यमनी जनता सऊदी अरब की ओर से थोपे गये युद्ध की भारी क़ीमत चुका रही है।
संयुक्त राष्ट्रसंघ के आंकड़ों के अनुसार यमन में दो साल से अधिक युद्ध और लड़ाई में कम से कम 16 हज़ार यमनी मारे गये हैं जिनमें कम से कम 10 हज़ार आम नागरिक हैं।
इस रिपोर्ट के अनुसार इस अवधि में बारुदी सुरंगों और शेष रह गये सैन्य संसाधनों में विस्फोट कारण एक हज़ार यमनी अपनी जान से हाथ धो बैठे।
यह उस स्थिति में है जब युद्धग्रस्त क्षेत्रों से अपनी जान बचाने के लिए तीस लाख यमनी अपना घर बार छोड़ने पर विवश हुए हैं।
यमन से प्राप्त आंकड़े इस बात के सूचक हैं कि यमनी जनसंख्या का दो तिहाई भाग यानी एक करोड़ 80 लाख लोगों को मानवता प्रेमी सहायता की आवश्यकता है और बहुत से यमनियों को अकाल और भूख का सामना है।
इसी प्रकार पिछले तीन महीनों के दौरान जिन आधारभूत सेवाओं को तबाह किया गया उसके कारण कम से कम 5 लाख यमनी हैज़े से ग्रस्त हो गये हैं जिनमें लगभग दो हज़ार अपनी जान से हाथ धो बैठे हैं।
ज्ञात रहे कि सऊदी अरब ने 26 मार्च 2015 से यमन के भगोड़े और अपदस्थ राष्ट्रपति मंसूर हादी को दोबारा सत्ता में लाने के बहाने यमन पर हमला आरंभ कर रखा है जो अब तक जारी है।
सऊदी अरब के इस पाश्विक हमले में यमन की अधिकांश आधारभूत संरचनाएं व सेवाएं तबाह हो चुकी हैं। MM