प्रतिरोध की महा सफलता, दाइश पतन की कगार पर
https://parstoday.ir/hi/news/west_asia-i48076-प्रतिरोध_की_महा_सफलता_दाइश_पतन_की_कगार_पर
जहां एक ओर आतंकवादी गुट दाइश अपने पतन की ओर बढ़ रहा है वहीं दूसरी ओर प्रतिरोधकर्ता गुट के हौसले बुलंद नज़र आ रहे हैं।
(last modified 2023-11-29T05:45:15+00:00 )
Aug २५, २०१७ १२:३३ Asia/Kolkata

जहां एक ओर आतंकवादी गुट दाइश अपने पतन की ओर बढ़ रहा है वहीं दूसरी ओर प्रतिरोधकर्ता गुट के हौसले बुलंद नज़र आ रहे हैं।

आतंकवादी गुट दाइश ने 24 अगस्त 2017 को बड़ी संख्या में लड़ाकों और कार बमों के साथ इराक़ की सीमा से लगे सद्दुल वअर क्षेत्र में सीरिया की सेना की एक छावनी पर भीषण हमला किया किन्तु सेना की जवाबी कार्यवाही में अपने कई साथियों के मारे जाने और घायल होने के बाद दाइश के लड़ाके फ़रार होने पर विवश हो गये।

हालिया महीनों में आतंकवादी गुट दाइश को अपने नियंत्रण वाले समस्त क्षेत्रों में निरंतर भीषण पराजय का सामना है।  इराक़ी शहर मूसिल की स्वतंत्रता के बाद नैनवा प्रांत के तलअफ़र शहर में दाइश को निरंतर पराजय मिल रही है और इस प्रकार इराक़ में दाइश का अस्तित्व समाप्ति ही ओर बढ़ रहा है। सीरिया में दाइश और उसके घटकों को सामने तबाही नज़र आ रही है और जैसा कि सीरिया के राष्ट्रपति बश्शार असद ने कुछ दिन पहले इशारों में विजय की बात कही थी।
दाइश और उसके घटकों की तबाही के मुख्य कारणों में से एक प्रतिरोध के केन्द्र की युद्धक क्षमता है। वर्तमान समय में मध्यपूर्व में स्वयं सेवी बल, प्रतिरोध के केन्द्र की मुख्य शक्ति और ताक़त में तबदील हो चुका है जिसका स्पष्ट उदाहरण इराक़ में हशदुश्शाबी और सीरिया में विभिन्न स्वयं सेवी गुट हैं। स्वयं सेवी बलों की क्षमताओं से लाभ उठाना, प्रतिरोध के केन्द्र की युद्धक क्षममता को बढ़ाने के मुख्य कारणों में से एक है।

दूसरा महत्वपूर्ण विषय यह है कि प्रतिरोध के केन्द्र की युद्धक रणनीति से मुक़ाबले में दाइश की घिसी पिटी रणनीति फीकी पड़ चुकी है। रणक्षेत्र में दाइश लोगों में भय पैदा करने और मानवीय ढाल के प्रयोग जैसी दो महत्वपूर्ण रणनीतियां प्रयोग करता था जबकि प्रतिरोधकर्ता केन्द्र के जियालों की शहादत प्रेम की भावना ने दाइश की भय फैलाने की रणनीति को विफल बना दिया और मानवीय ढाल के प्रयोग का मामला भी दाइश के हाथों से निकलता जा रहा है।

बहरलहाल प्रतिरोधकर्ता केन्द्र से दाइश की निरंतर पराजय ने इस्राईल और दाइश के समर्थक कुछ अरब देशों की नीदें उड़ा दी हैं। इस संबंध में अलअख़बार समाचार पत्र लिखता है कि इस्राईल के टेलीवीजन चैनल -10 से इस्राईली अधिकारियों और इस्राईली नीति निर्धारकों की चिंताओं पर आधारित एक रिपोर्ट जारी की गयी और यह चिंताएं, दाइश के बारे में नितेनयाहू के आधिकारिक दृष्टिकोण से पूरी तरह मिलती हैं क्योंकि नितेनयाहू ने एक बयान में कहा था कि दाइश का विनाश, अगले युद्ध में पराजय के अर्थ में है। (AK)