मानवाधिकार की 62 संस्थाओं ने सऊदी अपराधों की शिकायत की
मानवाधिकार की ग़ैर सरकारी संस्थाओं के अंतर्राष्ट्रीय गठबंधन ने संयुक्त राष्ट्र संघ से मांग की है कि स्वतंत्र जांच आयोग का गठन करके यमन में सऊदी अरब के मानवाधिकारों के हनन और युद्ध अपराध के विषय की जांच कराए।
फ़्रांसीसी समाचार पत्र लोमोंड की रिपोर्ट के अनुसार मानवाधिकार की 62 ग़ैर सरकारी संस्थाओं के अंतर्राष्ट्रीय गठबंधन ने संयुक्त राष्ट्र संघ की मानवाधिकार परिषद के पर्यवेक्षक और इस संस्था के सदस्य देशों के स्थाई प्रतिनिधियों को एक पत्र लिखकर यमन पर सऊदी अरब के हमलों में आम नागरिकों के जनसंहार, यमन में व्यापक स्तर पर हैज़े की बीमारी फैलने और इन हमलों से पैदा होने वाले अकाल की ओर से सचेत किया है।
इस पत्र पर ह्यूमन राइट्स वाॅच और एमेनेस्टी इन्टरनेश्नल ने भी हस्ताक्षर किए हैं।
मानवाधिकार की ग़ैर सरकारी संस्थाओं के अंतर्राष्ट्रीय गठबंधन के 62 सदस्यों ने इसी प्रकार यमन में विशेषकर यमन के पश्चिमोत्तरी क्षेत्रों में मानवता प्रेमी सहायता पहुंचाने में बधाएं उत्पन्न करने पर भी चिंता व्यक्त की है। इस गठबंधन ने राजधानी सनआ के स्कूलों, अस्पतालों, बाज़ारों और घरों पर हमले को सऊदी अरब का युद्ध अपराध बताया और इसकी कड़े शब्दों में निंदा की।
ज्ञात रहे कि सऊदी अरब ने मार्च 2015 से यमन पर व्यापक हमले आरंभ किए हैं जिनमें अब तक निहत्थे बच्चे और महिलाओं सहित कम से कम दस हज़ार आम नागरिक मारे जा चुके हैं। (AK)