इस्राईल द्वारा आतंकवादी गुटों के समर्थन की स्वीकारोक्ति
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ज़ायोनी शासन ने आधिकारिक रूप से सीरिया के सशस्त्र विरोधियों और वह आतंकवादी गुटों के समर्थन की बात स्वीकार की है जो सीरिया सरकार से युद्धरत हैं।
(last modified 2023-11-29T05:45:15+00:00 )
Sep ०२, २०१७ ११:३५ Asia/Kolkata

ज़ायोनी शासन ने आधिकारिक रूप से सीरिया के सशस्त्र विरोधियों और वह आतंकवादी गुटों के समर्थन की बात स्वीकार की है जो सीरिया सरकार से युद्धरत हैं।

तेल अवीव ने आधिकारिक रूप से स्वीकार किया है कि सरकार से युद्धरत सीरिया के सशस्त्र विरोधियों की सहायता की है। रिपोर्ट के अनुसार इस्राईल द्वारा इस गुट का समर्थन केवल इस्राईली अस्पतालों में गुट के सदस्यों के उपचार तक सीमित नहीं है।

इस संबंध में इस्राईली समाचार पत्र हारेट्ज़ ने इस्राईल के वरिष्ठ अधिकारियों और सूत्रों के हवाले से लिखा है कि इस्राईल ने जारी वर्ष के दौरान सीरिया सरकार के विरोधियों की सहायता पर 50 लाख डाॅलर से अधिक ख़र्च किए हैं। इससे पहल इस्राईली सेना ने स्वीकार किया था कि वर्तमान समय में इस्राईली अस्पतालों में 1400 घायलों का उपचार हो रहा है। बताया जाता है कि घायलों की संख्या में दिन प्रतिदिन वृद्धि हो रही है और इस्राईली अधिकारी भी बढ़ चढ़कर सीरिया सरकार के विरोधियों की सहायता कर रहे हैं।

इस रिपोर्ट में आया है कि इसमें सीरिया सरकार के विरोधियों के उपचार पर होने वाले ख़र्च को शामिल नहीं किया गया है जिसमें दसियों हज़ार डाॅलर ख़र्च हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस ख़र्च को इस्राईल के सुरक्षा, वित्त और स्वास्थ्य मंत्रालय ने पूरा किया है।यह एेसी स्थिति में है कि रिपोर्टों से पता चलता है कि सीरिया सरकार के विरोधियों का इस्राईल में होने वाले उपचार का ख़र्च कुछ मध्यमार्गी अरब देशों ने सहन किया है।

सीरिया सरकार के विरोधियों और इस्राईल के बीच संबंध की बात एेसी स्थिति में सामने आई है कि ज़ायोनी प्रधानमंत्री बिनयामीन नितिनयाहू ने हाल ही में रूसी राष्ट्रपति से मुलाक़ात में दाइश और नुस्रा सहित आतंकवादी गुटों के समर्थन की आड़ में इस्राईली युद्धक विमानों द्वारा सीरियाई सेना के ठिकानों पर हमले की ओर संकेत किए बिना हस्यास्पद दावा करते हुए ईरान पर दाइश के समर्थन का आरोप लगाया।

यह एेसी स्थिति में है कि मास्को ने बारंबार इस्राईली दावे को रद्द किया है। रूस, ईरान और हिज़्बुल्लाह आतंकवाद से संघर्ष में अग्रिम पंक्ति में हैं और ज़ायोनी शासन निराधार आरोप लगा कि इस्राईल द्वारा आतंकवाद के समर्थन से लोगों के ध्यान को भटकाना चाहता है। (AK)