सऊदी अरब में राजनीतिक संकट गहराया, बढ़ी गृहयुद्ध की संभावना
सऊदी अरब में 24 घंटे के भीतर दो राजकुमारों की हत्या के बाद इस देश में राजनीतिक संकट और गहरा गया है।
कुछ राजनीतिक विश्लेषकों व टीकाकारों का मानना है कि सऊदी अरब की राजशाही व्यवस्था में परिवर्तन और शाही परिवार के कुछ सदस्यों की गिरफ़्तारी 85 वर्षीय तानाशाही में बुनियादी परिवर्तन की सूचक है। यह स्थिति रियाज़ और वाशिंग्टन के मध्य स्थापित हुए निकट संबंधों के लिए ख़तरनाक है।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार सऊदी युवराज मोहम्मद बिन सलमान ने भ्रष्टाचार के आरोप में दसियों मंत्रियों, पूर्व अधिकारियों और युवराजों को उनके पदों से हटा दिया और कुछ को गिरफ़्तार कर लिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सऊदी अरब में गृहयुद्ध की संभावना अधिक हो गई है, विशेषकर इसलिए कि जो गिरफ़्तारियां हुई हैं उनसे ऐसा लग रहा है कि यह राजनीति से प्रभावित हैं भ्रष्टाचार से नहीं।
32 वर्षीय युवराज मोहम्मद बिन सलमान के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद जार्ड कोश्नर से घनिष्ठ संबंध हैं। यह ऐसी स्थिति में है जब डोनाल्ड ट्रम्प ने भी सऊदी नरेश, मलिक सलमान से अच्छे संबंध स्थापित कर रखे हैं जिसे वे अच्छे संबंध के नाम से याद करते हैं सत्ता संभालने के बाद ट्रम्प ने सबसे पहले सऊदी अरब की यात्रा की।
ट्रम्प सरकार ने अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा के अधिकारियों व विशेषज्ञों की सऊदी अरब की कुछ नीतियों पर चिंता को ध्यान में रखे बिना रियाज़ के साथ संबंधों को घनिष्ठ कर लिया है।
इसी प्रकार विशेषज्ञ उन ख़तरों की ओर संकेत करते हैं जो यमन युद्ध के कारण हैं विशेषकर अगर यह स्पष्ट हो जाये कि अमेरिका इस युद्ध में आले सऊद की तानाशाही सरकार के साथ सांठ-गांठ किये हुए है। (RZ)