यमन की घेराबंदी पूरी तरह समाप्त होः संयुक्त राष्ट्र संघ
संयुक्त राष्ट्र संघ ने एक बार फिर यमन की बंदरगाहों और हवाई अड्डों की घेराबंदी पूरी तरह समाप्त किए जाने की मांग की है।
यमन में राष्ट्र संघ के मानवीय मामलों के समन्वयकर्ता जेमी मेक गोल्डरिक ने बुधवार को कहा कि सऊदी अरब की ओर से यमन की बंदरगाहों और हवाई अड्डों की घेराबंदी के चलते इस देश में हैज़ा अधिक फैल रहा है। संयुक्त राष्ट्र संंघ के महासचिव के प्रवक्ता स्टीफ़न दुजारिक ने भी यमन की स्थिति को त्रासदीपूर्ण बताते हुए कहा है कि मानवीय एजेंसियों को यमन की सभी बंदरगाहों और हवाई अड्डों तक पूरी पहुंच की ज़रूरत है।
यह एेसी स्थिति में है कि सऊदी अरब ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र संघ और विश्व समुदाय के दबाव के बाद कहा कि गुरुवार से पश्चिमी यमन की हुदैदा बंदरगाह और सनआ के अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को मानवीय सहायताओं के लिए खोल दिया जाएगा। सऊदी प्रशासन इससे पहले भी कई बार इस तरह के वादे कर चुका है लेकिन उसने कभी भी अपने वादे को पूरा नहीं किया।
ज्ञात रहे कि सऊदी अरब ने अमरीका के समर्थन से मार्च 2015 में यमन पर सैन्य हमला शुरू किया था और उसने जल, थल और वायु मार्ग से इस देश का घेराव का रखा है। उसने यह हमला यमन के भगोड़े राष्ट्रपति मंसूर हादी को सत्ता में लौटाने के बहाने किया था। सऊदी अरब के हमलों में अब तक यमन के 13 हज़ार से अधिक लोग मारे गए हैं, दसियों हज़ार घायल हुए हैं और दसियों लाख बेघर हो गए हैं जबकि इस देश के मूल ढांचे को अत्यधिक क्षति पहुंची है। (HN)