यमन, 1 करोड़ 10 लाख बच्चों को मानवीय सहायता का इंतेज़ार
यूनीसेफ़ ने कहा है कि यमन के एक करोड़ दस लाख बच्चे खेदजनक स्थिति में जीवन व्यतीत कर रहे हैं और उनको मानवीय सहायता की बहुत अधिक आवश्यकता है।
फ़्रांस प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार यूनीसेफ़ के मध्यपूर्व और उत्तरी अफ़्रीका के प्रबंधक ग्रेट काप्लायर ने रविवार को कहा कि यमन में 20 लाख बच्चे कुपोषण का शिकार हैं और यमन के हर लड़के और लड़की को मानवता प्रेमी सहायता की आवश्यकता है।
उनका कहना था कि रिपोर्टों के आधार पर हर दस सेकेन्ड पर एक यमनी बच्चा बीमारियों के कारण मर रहा है जबकि इन बीमारियों की रोकथाम की जा सकती है।
यूनीसेफ़ के इस अधिकारी का कहना है कि अब तक पांच हज़ार यमनी बच्चे मारे जा चुके हैं या बुरी तरह घायल हुए हैं और सैकड़ों स्कूल और अस्पताल पूरी तरह तबाह हो चुके हैं।
संयुक्त राष्ट्र संघ के अधिकारियों ने सचेत किया है कि सऊदी गठबंधन द्वारा यमनी जनता के परिवेष्टन समाप्त न किए जाने की स्थिति में संभव है कि इस देश में हालिया दशक का सबसे भीषण सूखा पैदा हो सकता है।
सऊदी अरब अमरीका के समर्थन से मार्च 2015 से यमन पर हमले कर रहा है। इसी तरह उसने यमन की ज़मीनी, हवाई और समुद्री नाकाबंदी कर रखी है।
सऊदी अरब के अतिक्रमण में यमन में अब तक 13000 से ज़्यादा बेगुनाह नागरिक हताहत, दसियों हज़ार घायल और दसियों लाख विस्थापित हुए हैं। सऊदी अरब के अतिक्रमण के कारण यमन को बहुत ज़्यादा खाद्य पदार्थ व दवाओं की कमी तथा अनेक संक्रामक बीमारियों का सामना है। (AK)