तुर्की में बढ़ती अशांति
तुर्की मे अशांति रुकने का नाम नहीं ले रही है। 19 मार्च को इस्तांबूल में होने वाले विस्फोट में कम से कम 5 लोग मारे गए।
तुर्की के संचार माध्यमों का कहना है कि इस्तांबूल विस्फोट में 36 लोग बुरी तरह से घायल हो गए। घायलों में कई की स्थिति चिंताजनक है जिसके कारण मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
यह विस्फोट इस्तांबूल के व्यस्ततम क्षेत्र में हुआ। 19 मार्च को इस्तांबूल विस्फोट एेसी स्थिति में हुआ कि जब मात्र छह दिन पहले ही तुर्की की राजधानी अंकारा में 13 मार्च को भीषण विस्फोट हुआ था। इस विस्फोट में 37 लोग मारे गए थे जबकि 125 अन्य घायल हुए थे। पिछले जून से तुर्की में जो अशांति आरंभ हुई है वह अभी तक समाप्त नहीं हुई। इस विषय ने तुर्की के अधिकारियों को परेशानी में डाल दिया है।
तुर्की के सुरक्षाबलों की अक्षमता के कारण इस देश में आतंकवादी आक्रमणों में कमी नहीं आ पा रही है। हालांकि समीक्षा लिखे जाने तक किसी व्यक्ति या गुट ने आक्रमण की ज़िम्मेदारी स्वीकार नहीं ली थी किंतु साक्ष्यों से पता चलता है कि इसमें आतंकवादी गुट दाइश की भूमिका हो सकती है। कुछ जानकारों का कहना है कि तुर्की के इस्तांबूल नगर में विस्फोटक कार्यवाही करके तुर्की के पर्यटन उद्योग को लक्ष्य बनाया गया है।
एेसे में कुछ राजनैतिक टीकाकार कहते हैं कि हालांकि तुर्की के अधिकारियों ने इस्तांबूल विस्फोट की आवाज़ तो सुनी है किंतु एेसा लगता है कि उन्होंने इसके संदेश को अभी तक नहीं समझा है। उचित यह होगा कि तुर्की द्वारा आतंकवादी गुटों विशेषकर दाइश से बहुत ही गंभीरता से निबटा जाए।