कुद्स के बारे में ट्रम्प का फैसला भड़काऊ युद्ध हैः इराक
सऊदी अरब के विदेशमंत्री ने क़ुद्स के बारे में अरब संघ के विदेशमंत्रियों की बैठक में ट्रम्प के हालिया निर्णय के संदर्भ में कमज़ोर दृष्टिकोण अपनाया है।
आदिल अलजुबैर ने गत रात्रि अरब संघ के विदेशमंत्रियों की आपात बैठक में क़ुद्स के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हालिया दृष्टिकोण की आलोचना के बजाये केवल इतना कहा कि वाशिंग्टन को चाहिये कि वह कुद्स के बारे में अपने दृष्टिकोण की अनदेखी कर दे।
सऊदी अरब के विदेशमंत्री का कमज़ोर दृष्टिकोण एसी स्थिति में सामने आ रहा है जब इस बैठक में अरब देशों के दूसरे विदेशमंत्रियों ने ट्रम्प के हालिया फैसले के मुकाबले में तीव्र दृष्टिकोण अपनाया।
लेबनान के विदेशमंत्री जिब्रान बासिल ने इस बैठक में क़ुद्स के बारे में ट्रम्प के फैसले की भर्त्सना की और अरब देशों का आह्वान किया कि वे वाशिंग्टन का बहिष्कार करें।
इसी प्रकार इराक के विदेशमंत्री इब्राहीम जाफ़री ने भी अरब संघ के विदेशमंत्रियों की आपात बैठक में ट्रम्प के फैसले को भड़काऊ युद्ध की संज्ञा दी और बल देकर कहा कि अरब देशों को चाहिये कि वे अमेरिकी फैसले का मुकाबला करने के लिए अपनी समस्त क्षमताओं व संभावनाओं को इकट्ठा करें।
इसी प्रकार सूडान के विदेशमंत्री इब्राहीम गुन्दूर ने कुद्स के बारे में अमेरिका फैसले पर आपत्ति जताई और समस्त इस्लामी देशों का आह्वान किया कि वे इसका मुकाबला करें।
ट्यूनेशिया के विदेशमंत्री ख़मीस अलजीनावी ने भी इस भेंट में अरब देशों का आह्वान किया कि कुद्स के अधिकारों की रक्षा में वे अपने प्रयासों को एक दूसरे से समन्वित एवं एकजुट करें।
अलजीरिया के विदेशमंत्री अब्दुल काहिर ने भी अमेरिकी राष्ट्रपति के फैसले से मुकाबले की आवश्यकता पर बल दिया।
अरब संघ के महासचिव अहमद अबूल ग़ैज़ ने ट्रम्प के हालिया फैसले को अतिग्रहण को वैध बताने का प्रयास बताया और बल देकर कहा कि इस फित्ने के मुकाबले में चुप नहीं बैठना चाहिये।
वर्ष 1967 से क़ुद्स इस्राईल के कब्ज़े में है।
विस्तृत पैमाने पर क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय विरोधों के बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को क़ुद्स नगर को इस्राईल की राजधानी घोषित कर दी जिसके बाद से उनके फैसले की पूरी दुनिया में आलोचना हो रही है। MM