यमन में मानव त्रासदी विषम रूप धारण कर गयी है
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विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार यमन के 15 प्रांतों में और 64 से अधिक उप नगरों में डिप्थेरिया के चिन्ह देखे गये हैं।  
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Dec १४, २०१७ १७:३७ Asia/Kolkata

विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार यमन के 15 प्रांतों में और 64 से अधिक उप नगरों में डिप्थेरिया के चिन्ह देखे गये हैं।  

ढ़ाई वर्ष से अधिक समय से यमन की निर्दोष जनता के खिलाफ सऊदी अरब के पाश्विक हमले जारी हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में घोषणा की है कि डिप्थीरिया के कारण यमन में 34 लोगों की मृत्यु हो गयी है।

यमन में जो विषम स्थिति है वह इस देश के किसी भाग से विशेष नहीं है बल्कि समूचा यमन मानव त्रासदी की चपेट में है। यमन के 22 प्रांतों में से 20 प्रांतों के लोगों को मानवीय सहायता की आवश्यकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार यमन के 15 प्रांतों में और 64 से अधिक उप नगरों में डिप्थेरिया के चिन्ह देखे गये हैं।  

आले सऊद की बर्बरतापूर्ण नीति के कारण यमनी जनता को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना है। यमनी जनता की हालत देखकर सऊदी अरब के जघन्य अपराधों को अच्छी तरह समझा जा सकता है।

यमन की स्थिति, जिसे सऊदी अरब के वियतनाम की संज्ञा दी गयी है, इतनी भयावह है कि संयुक्त राष्ट्रसंघ के महासचिव एन्टोनियो गुटेरेस ने भी यमन के खिलाफ सऊदी अरब के युद्ध की आलोचना की है।

यहां तक कि अमेरिकी सरकार ने भी यमनी जनता के खिलाफ सऊदी अरब के अपराधों को स्वीकार किया है और आले सऊद से आधिकारिक रूप से आह्वान किया है कि वह यमन के खिलाफ व्यापक परिवेष्टन को समाप्त कर दे।

प्रतीत यह हो रहा है कि अमेरिका ने क़ुद्स के बारे में फिलिस्तीनी जनता के खिलाफ जो अत्याचार व अपराध किये हैं उसे कम करने के लिए उसने मानवता प्रेम का रूप धारण कर लिया है और 33 महीनों के बाद उसने सऊदी अरब का आह्वान किया है कि वह यमन के खिलाफ जारी परिवेष्टन को समाप्त कर दे किन्तु इससे वह राजनीतिक लाभ उठाना चाहता है और उसका यह कार्य भी इस बात का सूचक है कि यमन में सऊदी अरब जो अपराध कर रहा है उससे मौत की दुर्गन्ध आती है।

अलबत्ता अमेरिका भी उसके इस अपराध में शामिल है।