एक क़स्बे में घिरे आतंकियों को सीरियाई सेना का अल्टीमेटम
सीरियाई सेना और घटक बलों ने लेबनान की सीमा के निकट घेरे में आ गए आतंकियों को 72 घंटे का समय दिया है जिसके भीतर वह इस इलाक़े को छोड़ कर जा सकते हैं या फिर सेना के हमले के लिए तैयार हो जाएं।
सीरियाई सेना और घटक फ़ोर्सेज़ ने बैत जिन के इलाक़े में इन आतंकियों को घेर लिया है यह इलाक़ा दक्षिण पश्चिमी सीरिया के हरमन पहाड़ के आंचल में स्थित है।
आतंकी सूत्रों के हवाले से रायटर्ज़ ने भी सूचना दी है कि सीरियाई सेना ने आतंकियों को 72 घंटे का समय दिया है जिसके भीतर वह इस इलाक़े से निकल कर इदलिब प्रांत की ओर जा सकते हैं जहां देश के अन्य भागों से निकाले गए आतंकी एकत्रित हैं या फिर बड़े हमले का सामना करने के लिए तैयार हो जाएं।
बैत जिन इलाक़े के आस पास के पहाड़ों और मैदानी इलाक़ों पर पिछले सप्ताह सेना और घटक बलों का नियंत्रण हो गया था और इन इलाक़ों में मौजूद आतंकी बैत जिन क़स्बे की ओर पीछे हटने पर विवश हुए, अंततः यह क़स्बा भी सेना के घेरे में आ गया।
यह वह इलाक़ा है जहां लेबनान और अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन अर्थात इस्राईल की सीमाएं मिलती हैं।
सीरियाई सरकार साक्ष्यों के आधार पर दावा करती है कि इस्राईल आतंकियों की मदद कर रहा है और उसने कई बार इन आतंकियों की मदद करने के उद्देश्य से सीरियाई सेना के ठिकानों और चेकपोस्टों पर हमले किए हैं।
जैसे जैसे सीरिया में आतंकी संगठन कमज़ोर पड़ते जा रहे हैं उनके समर्थक विशेष रूप से इस्राईल, सऊदी अरब और अमेरिका में निराशा फैलती जा रही है।
किसी समय सीरिया के लगभग 75 प्रतिशत भागों पर क़ब्ज़ा कर लेने वाले आतंकी संगठनों की आज स्थिति यह है कि उनके उनके क़ब्ज़े में 5 प्रतिशत से भी कम इलाक़ा रह गया है और शेष इलाक़ों को भी आज़ाद करवाने के लिए सीरियाई सेना और घटक फ़ोर्सेज़ लगातार कोशिश कर रही हैं।