सऊदी सैनिकों पर गिरे यमनी मिसाइल,
यमन की सेना और स्वयंसेवी बलों ने दो मिसाइल हमले किए हैं।
यमन के अलमसीरह टीवी चैनल की रिपोर्ट के अनुसार सेना और स्वयंसेवी बल की मिसाइल फ़ोर्स ने शुक्रवार को क़ाहिर टू एम नाम का बैलेस्टिक मिसाइल पश्चिमी तट पर सऊदी अरब के किराए के सैनिकों पर फ़ायर किया जबकि इससे कुछ ही घंटे पहले सऊदी अरब के नजरान इलाक़े में सैनिक ठिकाने पर मारा गया।
यमन की मिसाइल फ़ोर्स का कहना है कि दोनों ही मिसाइल सफलता के साथ अपने लक्ष्य पर लगे। सऊदी अरब ने दावा किया कि नजरान पर फ़ायर किए गए मिसाइल को हवा में तबाह कर दिया गया लेकिन सऊदी अरब इससे पहले भी इसी प्रकार के दावे कर चुका है जो बाद में न्यूयार्कट टाइम्ज़ में छपी रिपोर्ट के अनुसार भी निराधार दावे थे क्योंकि यमनी मिसाइल सफलता से अपने लक्ष्य पर लगे थे।
पहले मिसाइल हमले में किराए के सैनिकों के एकत्रित होने के स्थान को निशाना बनाया गया जिसमें कई सैनिक मारे गए हैं। जबकि नजरात में सऊदी अरब की सेना की रिज़र्व फ़ोर्स के ठिकाने को मिसाइल से उड़ा दिया गया।
गत 28 दिसम्बर को यमन के मारिब प्रांत में सऊदी अरब के किराए के सैनिकों पर क़ाहिर मिसाइल से ही हमला किया गया था जिसमें इन सैनिकों को भारी नुक़सान पहुंचा था। इसी मिसाइल से गत 24 दिसम्बर और 18 दिसम्बर को भी बड़ी सफलता के साथ हमले किए गए थे।
यमन ने हालिया महीनों में अपनी मिसाइल शक्ति को बड़ी सफलता के साथ डेवलप किया है। यह मिसाइल अलग अलग रेंज के हैं और इनमें से कुछ मिसाइल सऊदी अरब की राजधानी रियाज़ के किंग ख़ालिद इंटरनैशनल एयरपोर्ट और अलयमामा महल तक भी पहुंचे और इन मिसाइलों को अमरीकी पैट्रियट मिसाइल भी नहीं रोक पाए।
सऊदी अरब और अमरीका आरोप लगाते हैं कि ईरान यमन की सेना और स्वयंसेवी बलों को मिसाइल दे रहा है लेकिन ईरान इस प्रकार के आरोपों का खंडन करता है। वैसे भी सऊदी अरब ने जल थल और हवा से यमन का कड़ा परिवेष्टन कर रखा है जिसके कारण मानवता प्रेमी सहायता भी यमन नहीं पहुंच पा रही है।