क़तर और यूएई के बीच टकराव जंग की आहट तो नहीं!
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क़तर के हुकूमत कर रहे परिवार के एक वरिष्ठ सदस्य के संयुक्त अरब इमारात में हिरासत में लिए जाने पर दोहा ने कहा है कि वह हालात पर गहरी नज़र रखे हुए है।
(last modified 2023-04-09T06:25:50+00:00 )
Jan १५, २०१८ १९:१९ Asia/Kolkata
  • क़तर और यूएई के बीच टकराव जंग की आहट तो नहीं!

क़तर के हुकूमत कर रहे परिवार के एक वरिष्ठ सदस्य के संयुक्त अरब इमारात में हिरासत में लिए जाने पर दोहा ने कहा है कि वह हालात पर गहरी नज़र रखे हुए है।

 

क़तर के सत्ताधारी परिवार के वरिष्ठ सदस्य शैख़ अब्दुल्लाह बिन अली बिन अब्दुल्लाह आले सानी की रविवार को उस वीडियो फूटेज के सामने आने के बाद, जिसमें वह यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि उन्हें इमारात की राजधानी अबू धाबी में हिरासत में ले लिया गया है, दोहा ने यह प्रतिक्रिया दिखायी है।

क़तर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लुअ लुअ राशिद अलख़ातिर ने कहा कि क़तर सरकार स्थिति पर गहरी नज़र रखे हुए है और अपनी सैद्धान्तिक नीति के तहत हर व्यक्ति के क़ानूनी अधिकार की रक्षा का समर्थन करती है और इस व्यक्ति के परिवार को यह हक़ हासिल है कि वह अपने सदस्य के अधिकार की रक्षा के लिए सभी क़ानूनी उपाय अपनाए।

दूसरी ओर संयुक्त अरब इमारात ने यह दावा करते हुए कि क़तर के कुछ फ़ाइटर जेट उसके यात्री विमान के उस वक़्त निकट हुए जब वह मनामा की ओर जा रहा था, कहा कि क़तर का यह क़दम यात्री विमान की रक्षा के लिए बड़ा ख़तरा है।

क़तरी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने यूएई के इस दावे को रद्द करते हुए कहा कि इस तरह की ख़बर में तनिक भी सच्चाई नहीं है।

क़तर संकट के बाद जिसे सऊदी अरब और यूएई ने संचालित किया था, सऊदी अरब, यूएई और बहरैन ने अपनी वायु सीमा क़तर के लिए बंद कर दी है।

क़तर ने पिछले हफ़्तों के दौरान संयुक्त राष्ट्र संघ में यूएई की शिकायत की और कहा कि यूएई के एक फ़ाइटर जेट ने जनवरी के शुरु में उसकी वायु सीमा का उल्लंघन किया और सा ही उसने पिछले साल दिसंबर में भी किया।

टीकाकारों का मानना है कि क़तर की ओर से यूएई की संयुक्त राष्ट्र संघ में शिकायत, क़तर के सत्ताधारी परिवार के एक वरिष्ठ सदस्य को यूएई में हिरासत में रखना और यूएई का क़तर के फ़ाइटर जेट पर उसके यात्री विमान के निकट होने का इल्ज़ाम लगाना, वे घटनाएं हैं जो फ़ार्स की खाड़ी में जंग की आहट हैं  और अगर सा होता है तो भारत और उसके आस-पास के देशों में ऊर्जा संकट  पैदा हो जाएगा। (MAQ/N)