क़तर को खाद्य पदार्थ पहुंचाने का एकमात्र मार्ग ईरान हैः दोहा
क़तर के विदेशमंत्री ने कहा है कि सऊदी अरब और उसके घटकों की ओर से इस देश का परिवेष्टन किये जाने के बाद खाद्य पदार्थ और औषधि दोहा पहुंचाने का एक मात्र इस्लामी गणतंत्र ईरान है।
अलआलम टीवी चैनल की रिपोर्ट के अनुसार मोहम्मद बिन अब्दुर्रहमान आले सानी ने इसी प्रकार बल देकर कहा कि उनका देश आगामी बसंतु ऋतु में अमेरिका और फार्स खाड़ी के तटवर्ती देशों के मध्य होने वाले संयुक्त सम्मेलन में भाग लेने के लिए तैयार है।
इसी बीच क़तर के रक्षामंत्री ख़ालिद बिन मोहम्मद अलअतिया ने अपने देश के विरुद्ध सऊदी अरब और उसके घटकों के प्रतिबंधों को अत्याचारपूर्ण बताया और कहा कि इन प्रतिबंधों के बाद इस्लामी गणतंत्र ईरान ने क़तरी विमानों के लिए अपनी वायु सीमा खोलकर दोहा के लिए सांस लेने का पहला द्वार खोल दिया।
सऊदी अरब और उसके घटक मिस्र, संयुक्त अरब इमारात और बहरैन ने पांच जून 2017 को क़तर के साथ अपने कूटनयिक संबंधों को तोड़ लिया और इस देश का ज़मीनी, हवाई और समुद्री परिवेष्टन कर दिया।
इसी प्रकार इन चार देशों ने क़तर से संबंधों को सामान्य बनाने के लिए गत 23 जून को दोहा के सामने 13 शर्तों को रखा और कहा कि दोहा के साथ संबंधों का सामान्य होना इन 13 शर्तों को व्यवहारिक बनाने पर निर्भर है।
सऊदी अरब और उसके घटकों ने क़तर के साथ संबंधों को सामान्य बनाने के लिए जो शर्तें लगायी हैं उनमें से सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि क़तर इस्लामी गणतंत्र ईरान और हिज्बुल्लाह से अपने कूटनयिक संबंधों को तोड़ ले, अलजज़ीरा टीवी चैनल को पूर्णरूप से बंद कर दे और क़तर की भूमि से तुर्की की सैनिक छावनी को खत्म कर दे परंतु दोहा ने इन शर्तों को स्वीकार करने से इंकार कर दिया है। MM