शरणार्थियों की वापसी पर अर्दोगान का नज़रिया, वापसी ज़रूरी
तुर्की के राष्ट्रपति ने तुर्की से सीरियाई शरणार्थियों की स्वदेश वापसी को ज़रूरी बताया है।
तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोगान ने इसी प्रकार उत्तरी सीरिया में अपने देश के सैन्य अभियान के बारे में कहा कि तुर्की की सेना इस क्षेत्र में 300 वर्ग किलो मीटर आगे बढ़ी है।
तुर्की में रहने वाले सीरियाई शरणार्थियों को निकालना वास्तव में उत्तरी सीरिया में एक स्वाधीन कुर्दिस्तान बनने से रोकने की तुर्की की एक कोशिश है। अर्दोगान सीरियाई शरणार्थियों को अपने देश से निकाल कर , उत्तरी सीरिया में जनसंख्या के ढांचे को बदलने का प्रयास कर रहे हैं। इस क्षेत्र में तुर्की के सैन्य अभियान का भी एक उद्देश्य यह है कि इस क्षेत्र में कुर्द आबादी में अरब आबादी को इस तरह से बढ़ाया जाए कि यह क्षेत्र कुर्द बाहुल्य न रहे।
ब्रोकिंग्स अध्ययन केन्द्र के शोधकर्ता रेन्ज एलालदीन ने उत्तरी सीरिया में तुर्की के सैन्य अभियान के बारे में लिखा है कि उत्तरी सीरिया में कुर्द गुटों के शक्तिशाली होने से तुर्की के लिए यह खतरा बढ़ गया कि कहीं यह क्षेत्र, उसके खिलाफ कुर्दों की ओर से की जाने वाली कार्यवाहियों के लिए न इस्तेमाल होने लगे इसके साथ ही दक्षिणी तुर्की में पृथकतावाद को बढ़ावा न मिले।
हालांकि तुर्की इस तरह से सीरिया के विभाजन और एक कुर्द देश की संभावना को खत्म कर रहा है लेकिन उसके साथ ही इस आप्रेशन से सीरिया को भविष्य में जातीय टकराव का सामना करना पड़ सकता है इस लिए ज़रूरी यह है कि संकट के एक पक्ष के रूप में तुर्की सीरियाई सरकार के सहयोग से शरणार्थियों की स्वेदश वापसी की भूमिका तैयार करे और हालात को अधिक जटिल न बनने दे। (Q.A.)