"हिज़्बुल्लाह, इस्राईल के हमलों का जवाब देने के लिए तैयार है"
लेबनान के हिज़्बुल्लाह आंदोलन के उप महासचिव ने कहा है कि हिज़्बुल्लाह ज़ायोनी शासन के अतिक्रमण का जवाब देने के लिए लेबनानी सरकार की मदद पर तैयार है।
" शेख नईम क़ासिम" ने सोमवार को इसी तरह इलाक़े में ईरान की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि इस्राईल, लेबनान के ज़मीनी और समुद्री हितों को नुक़सान नहीं पहुंचा सकता।
उन्होंने इस बात का ज़िक्र करते हुए कि अमरीका, ईरान की राह में खड़े होने का मन बना चुका है, कहा कि ईरान, प्रतिरोध की विचार धारा का मुख्य समर्थक है और अमरीका चाहता है कि यह इलाक़ा कमज़ोर हो , टुकड़ों में बंट जाए और इस्राईल का समर्थन करे।
लेबनान के हिज़्बुल्लाह आंदोलन के उप महासचिव " शेख नईम क़ासिम" बल दिया कि हिज़्बुल्लाह की ताक़त की वजह से इस्राईली दुश्मन, लेबनान पर हमला नहीं कर सकता और न ही लेबनान के हितों को लूट सकता है।
इसी मध्य हिज़्बुल्लाह के वरिष्ठ अधिकारी और लेबनानी मंत्रिमंडल में युवा व खेल मंत्री, " मुहम्मद फे़नीश" लेबनान के " सैदा " नगर में होने वाले एक कार्यक्रम में कहा कि फ़िलिस्तीनियों की वार्ता के इतिहास से यह सिद्ध हो गया कि अमरीका सच्चा मध्यस्थ नहीं है और वह ज़ायोनी शासन का समर्थक है और मध्यस्थता के दावे के साथ वह कूटनीति के रास्ते से अपने लक्ष्यों की पूर्ति के प्रयास में है।
याद रहे हालिया दिनों में लेबनान की सीमा पर इस्राईल द्वारा दीवार उठाने के फैसले और लेबनान के तेल व गैस के भंडारों पर दावे के बाद तिलअबीव और बैरुत के मध्य तनाव पैदा हो गया जो बढ़ता जा रहा है। (Q.A.)