सांस्कृतिक युद्ध सैनिक युद्ध से भी ख़तरनाक हैः अब्दुल मलिक हूसी
यमन के अंसारुल्लाह अंदोलन के महासचिव ने मुसलमानों के खिलाफ दुश्मनों के युद्ध को साफ्ट वॉर बताया है।
हमारे संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार अब्दुल मलिक बदरुद्दीन अलहूसी ने हज़रत फातेमा ज़हरा सलाहुल्लाह के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में मुसलमानों को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के दिन को मुसलमान महिला दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिये।
उन्होंने दुश्मनों के सांस्कृतिक धावे के मुकाबले में गम्भीर रूप से प्रयास किये जाने पर बल दिया और साफ्त वॉर को सैनिक युद्ध से भी ख़तरनाक बताया।
इसी प्रकार यमन के अंसारुल्लाह अंदोलन के महासचिव ने मानवता के दुश्मनों उनमें सर्वोपरि अमेरिका और इस्राईल के अंधे अनुसरण के संबंध में चेतावनी दी और कहा कि अमेरिका और उसके घटक राजनीतिक लाभ उठाने के लिए महिलाओं को बाज़ार की एक वस्तु में परिवर्तित कर दिया है।
उन्होंने इस्लामी समाज विशेषकर महिलाओं का आह्वान किया है कि वे दुश्मनों की चालों से पूरी तरह होशियार रहें।
अब्दुल मलिक हूसी ने इसी प्रकार गत तीन वर्षों से सऊदी अरब के पाश्विक हमलों के मुकाबले में यमनी महिलाओं के धैर्य और त्याग की ओर संकेत किया और उसकी सराहना की। MM