पश्चिम का इशारा और सीरिया में आतंकवादियों के रसायनिक हमले जारी
सीरिया के पूर्वी ग़ोता के दूमा क्षेत्र में आतंकवादियों के रासायनिक हमलों में दसियों लोग हताहत और घायल हो गये।
आरंभिक रिपोर्ट में बताया गया है कि सीरिया में आतंकवादियों के इस रासायनिक हमले में 75 लोग हताहत और 100 से अधिक घायल हुए हैं। रूस के रक्षामंत्रालय ने शुक्रवार को सचेत किया था कि आतंकवादी गुट जैशुल इस्लाम और फ़्रि सीरियन आर्मी रासायनिक गैस का प्रयोग करके दूमा पर हमला करने का इरादा रखती है। रूसी रक्षामंत्रालय का कहना था कि इस हमले से आतंकवादी विश्व जनमत की भावनाओं को उत्तेजित करने और इसका आरोप सीरिया की सेना पर लगाना चाहते हैं।
सीरिया के दूमा क्षेत्र में जैसे ही आतंकवादी हमला हुआ तो तुरंत ही पश्चिम समर्थित मीडिया ने दमिश्क़ सरकार के विरुद्ध मनोवैज्ञानिक युद्ध छेड़ दिया। पश्चिमी मीडिया का सीरिया की सरकार और सेना के विरुद्ध मनोवैज्ञानिक युद्ध एेसी स्थिति में आरंभ हुआ है कि सीरिया की सेना दूमा क्षेत्र से आतंकियों को खदेड़ने का प्रयास कर रही है।
यहां पर यह बात समझ में आ जाती है कि आतंकवादियों और उसके समर्थकों ने यह प्रोपगैंडा इस समय क्यों शुरु किया है ताकि वह सीरिया की सेना और उसके घटक बलों की प्रगति को रोक सके। सीरिया संकट के आरंभ से लेकर अब तक आतंकवादी गुट दसियों बार रासायनिक हमले कर चुके हैं जबकि अमरीका ने रासायनिक हमले की जांच की सही पड़ताल तक होने नहीं दी, इसका भी एक कारण यह है कि यदि जांच होती है तो अमरीका और पश्चिमी दावों की पोल खुल जाएगी और उनके सारे षड्यंत्र विफल हो जाएंगे।
बहरहाल सीरिया के दूमा क्षेत्र में रासायनिक हमला एेसी हालत में हुआ कि जब सीरिया की सेना आतंकवादियों के गढ़ में पहुंच चुकी है और उसको अधिक बल लगाने की आवश्यकता नहीं है। (AK)