... तो मक्का का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा , अर्दोगान
तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोगान ने शुक्रवार को इस्तांबूल में फिलिस्तीन के मुद्दे पर इस्लामी देशों के शिखर सम्मेलन के अवसर पर कहा कि अगर बैतुलमुक़द्दस को नहीं बचा पाए तो मक्का का भविष्य भी खतरे में पड़ जाएगा।
अर्दोगान ने कहा कि बैतुल मुक़द्दस सिर्फ एक शहर नहीं है बल्कि एक प्रतीक, परीक्षा और क़िब्ला है तो यदि हम अपने पहले क़िब्ले को न बचा पाए तो फिर हमें हमे दूसरे किब्ले यानी मक्के के भविष्य के बारे में आश्वस्त नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि केवल इस्लामी जगत ही बैतुलमुक़द्दस की परीक्षा में फेल नहीं हुआ बल्कि इस परीक्षा में पूरी मानव जाति फेल हो गयी है।

अर्दोगान ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की चुप्पी के दौरान इस्राईल के जी में जो आ रहा है वह कर रहा है और मुसलमान, आपस की लड़ाई में जिस तरह से एक दूसरे के ऊपर झपटते हैं उसकी तुलना में अपने असली दुश्मन के सामने तनिक भी साहस नहीं दिखाते।
तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोगान ने कहा कि दुश्मन की समझ में केवल एक ही भाषा आती है और वह भाषा है शक्ति की इस लिए सभी मुसलमानों का कर्तव्य है कि वह इस अत्याचारी शासन इस्राईल के सामने डट जाएं ताकि उस पर लगाम कसी जा सके। (Q.A.)