अंतर्राष्ट्रीय निशस्त्रीकरण कॉन्फ़्रेंस की सीरिया को अध्यक्षता और इसका संदेश
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अमरीका और ज़ायोनी शासन के विरोध के बावजूद सीरिया, संयुक्त राष्ट्र संघ के अधीन निशस्त्रीकरण कॉन्फ़्रेंस मंच की एक महीने तक अध्यक्षता करेगा।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
May २७, २०१८ १२:१९ Asia/Kolkata

अमरीका और ज़ायोनी शासन के विरोध के बावजूद सीरिया, संयुक्त राष्ट्र संघ के अधीन निशस्त्रीकरण कॉन्फ़्रेंस मंच की एक महीने तक अध्यक्षता करेगा।

संयुक्त राष्ट्र संघ के अधीन निशस्त्रीकरण कॉन्फ़्रेंस 28 मई से एक महीने तक जनेवा में चलेगी। यह एक अंतर्राष्ट्रीय मंच है जिसके 65 सदस्य देश हैं और यह मंच समानता के सिद्धांत के अनुसार काम करता है। यही वजह है कि अमरीका और उसके घटकों की ओर से राजनैतिक हंगामा, सीरिया को इस मंच का अध्यक्ष बनने से नहीं रोक पाया।

पश्चिमी सरकारों और उनके क्षेत्रीय घटकों द्वारा आतंकियों को सामूहिक विनाश के हथियारों से लैस किया जाना और उन्हें इन हथियारों का निर्माण करने वाला उपकरण दिया जाना अंतर्राष्ट्रीय संधियों व कन्वेन्शनों का खुला उल्लंघन है। अंतर्राष्ट्रीय कन्वेन्शन में किसी भी तरह के सामूहिक विनाश के हथियारों के उत्पादन को वर्जित ठहराया गया है। इसी आधार पर सीरिया ने आतंकियों और उनके पश्चिमी समर्थकों की धूर्ततापूर्ण कार्यवाहियों के संबंध में चेतावनी देते हुए बारंबार अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे पश्चिमी देशों की ओर से आतंकियों को जनसंहारक हथियारों की आपूर्ति को रोकने के लिए तुरंत गंभीर क़दम उठाए। ऐसा लगता है कि ज़ायोनी शासन और पश्चिम की ओर से परमाणु ख़तरे के संबंध में सीरिया की बारंबार चेतावनी की वजह से अंतर्राष्ट्रीय समुदाय निशस्त्रीकरण कॉन्फ़्रेंस की सीरिया को अध्यक्षता देने पर सहमत हुआ ताकि यह देश अंतर्राष्ट्रीय मंच पर निशस्त्रीकरण के मामले पर नज़र रखे। सीरिया का निशस्त्रीकरण कॉन्फ़्रेंस का अध्यक्ष होना इस देश की ओर से विश्व समुदाय के लिए एक राजनैतिक संदेश है और वह यह कि सीरिया में बश्शार असद के नेतृत्व में एक क़ानूनी व्यवस्था है जो जनता के बीच बहुत लोकप्रिय होने के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विश्वसनीय भी है। पश्चिमी सरकारों के निराधार इल्ज़ाम और दुष्प्रचार भी सीरिया की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दिन प्रतिदिन बेहतर होती स्थिति को कोई नुक़सान नहीं पहुंचा सके।(MAQ/T)