गज़्ज़ा की एक दशक की घेराबंदी की अनदेखी नहीं, सुरक्षा परिषद
संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों ने कहा है कि गज़्ज़ा की एक दशक की घेराबंदी और इस्राईल के अपराधों की अनदेखी नहीं की जा सकती है।
संयुक्त राष्ट्र संघ में रूसी प्रतिनिधि ने बुधवार को गज़्ज़ा के हालात की समीक्षा के लिए अमरीका द्वारा बुलायी गयी अपातकालीन बैठक में कहा कि भड़काऊ व एकपक्षीय कार्यवाहियां, हिंसा , अवैध क़ब्ज़े और अवैध अधिकृत क्षेत्रों में बस्तियों के निर्माण का सिलसिला बंद होना चाहिए।
रूसी प्रतिनिधि ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ को फिलिस्तीनियों तक मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए आगे आना चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र संघ में फिलिस्तीन के प्रतिनिधि रियाज़ मंसूर ने भी अमरीकी नीतियों की आलोचना करते हुए सुरक्षा परिषद से मांग की है कि वह फिलिस्तीनियों के खिलाफ इस्राईल के अपराधों पर अंकुश लगाए।
संयुक्त राष्ट्र संघ में फ्रांस के प्रतिनिधि ने कहा कि एक दशक से जारी गज़्जा की घेराबंदी की अनदेखी नहीं की जा सकती और हालिया प्रदर्शन इस क्षेत्र की जनता की समस्याओं को दर्शाते हैं।
चीन के प्रतिनिधि ने भी कहा कि उनका देश स्वाधीन देश के गठन के फिलिस्तीनियों के अधिकारों का समर्थन करता है।
अमरीकी प्रतिनिधि निकी हेली और ब्रिटिश प्रतिनिधि कार्न पेरिस भी इस्राईली सैनिकों के अपराधों का उल्लेख किये बिना बैठक में इस्राईल का समर्थन किया लेकिन इतने प्रयासों के बावजूद यह प्रतिनिधि सुरक्षा परिषद की ओर से निंदा प्रस्ताव जारी कराने में विफल रहे। (Q.A.)